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शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का दैहिक शोषण किया, कोर्ट ने युवक को सुनाई आजीवन कठिन कारावास की सजा

यह फैसला विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम-2012) अविनाश त्रिापाठी के न्यायालय में सुनाया गया।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Aug 08, 2021

शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का दैहिक शोषण किया, कोर्ट ने युवक को सुनाई आजीवन कठिन कारावास की सजा

शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का दैहिक शोषण किया, कोर्ट ने युवक को सुनाई आजीवन कठिन कारावास की सजा

दुर्ग. नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बाइक में बैठाया और रायपुर ले गया। उसे किराया के मकान में रखा। वहां कई बार उसका दैहिक शोषण किया। इस मामले में न्यायालय ने ग्राम कचांदूर के 19 वर्षीय युवक केशव साहू उर्फ बंटी पिता अशोक को आजीवन कठिन कारावास से दंडित किया है। न्यायालय ने उस पर 7000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम-2012) अविनाश त्रिापाठी के न्यायालय में सुनाया गया।

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बेटी के गुमशुदा होने पर परिजनों ने की पुलिस में शिकायत
मामला वर्ष 2017 का है। अभियुक्त केशव साहू ने एक नाबालिक लड़की से दोस्ती की। फिर उसे शादी करने का वादा कर बहलाया फुसलाया। लड़की उसके बहकावे में आ गई। अपनी सहेली के साथ घर से निकली। अभियुक्त उसका इंतजार कर रहा था। वह लड़की को बाइक में बैठाकर रायपुर ले गया। सहेली लौट आई। लड़की का पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। अभियुक्त लड़की के साथ रायपुर में मिला। लड़की को किराए के मकान में रखा था। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 363, 366 व लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2021 की धारा-6 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

पीडि़त को क्षतिपूर्ति देने का आदेश
विशेष लोक अभियोजक संतोष कसार ने बाताया कि न्यायालय ने दोष साबित होने पर अभियुक्त केशव को धारा 363 में 3 साल की सजा व 1000 रुपए जुर्माना, धारा 366 में भी 3 साल की सजा व 1000 रुपए का जुर्माना सुनाया। लैंगिंक अपराध से बालकों के संरक्षण अधिनियम -2012 की धारा-6 के तहत आजीवन कठिन कारावास की सजा और 5000 रुपए जुर्माना सुनाया। न्यायालय ने पीडि़त लड़की को 4 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। इसमें 50 हजार रुपए नगद और बाकी रकम फिक्स करने के लिए कहा है।