केरल में आई तबाही के कारण ईद-उल-जुहा के अवसर पर गंजपारा ईदगाद के पास बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए बैनर लेकर सहायता राशि जुटाई गई।
दुर्ग. शहर में बुधवार को ईद-उल-जुहा का त्यौहार हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। शहर की जामा मस्जिद, गंजपारा ईदगाह, तकियापारा अक्सा मस्जिद में सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों का आना जाना शुरु हो गया और लोगों ने नमाज अदा करके एक दूसरे को ईद की बधाईयां दी। अक्सा मस्जिद सदर मो. जहांगीर खान ने बताया कि मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार ईद है। इनमें पहली पवित्र रमजान के महीने में 40 दिन के रोजे के बाद ईद-उल-फितर और उसके ठीक 2 महीने बाद ईद-उल-जुहा यानि बकरीद आती है। ईद पर मुस्लिम समाज के लोग कुर्बानी देते हैं। इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक पैगंबर हजरत इब्राहिम जिनके समय से बकरीद की शुरुआत हुई। ईद के अवसर पर मुस्लिम समाज के लोगों को शुभकामनाएं देने जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में गंजपारा ईदगाह मैदान पहुंचे थे।
यहां हुई बकरीद की विशेष नमाज
ईद-उल-जुहा की विशेष नमाज गंजपारा ईदगाह मैदान में जामा मस्जिद के पेश ईमाम मो. शाहनवाज अशरफी ने नमाज अदा कराई। यहां सुबह साढ़े ८ व ९ बजे के बीच नमाज की रस्म अदा कराई गई। जिसमें मुस्लिम समाज के लगभग ५ हजार लोगों शामिल हुए। इसी प्रकार तकियापारा अक्सा मस्जिद में मौलाना मंसूर रजा सादिल ने पहली जमात (पाली) को बकरीद की नमाज अदा कराई। वहीं दूसरी पाली मे मौलाना अलीम अशरफी, केलाबाड़ी नूरी मस्जिद में सुबह ८ बजे मौलाना अशरद रजा ने, तितुरडीह मस्जिद में मौलाना अब्दुल बारी मिस्बाही, मोती पारा जामा मस्जिद में मौलाना मो. अजिर सैय्यद अली ने मुस्लिम समाज के लोगों को नमाज की रस्म अदा करवाई।
केरल में बाढ़ पीडि़तों के लिए दी गई सहायता राशि
केरल में आई तबाही के कारण ईद-उल-जुहा के अवसर पर गंजपारा ईदगाद के पास बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए बैनर लेकर सहायता राशि जुटाई गई। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज के बाद पीडि़तों की सहायता के लिए धन राशि दान के साथ अपना योगदान दिया। वही अन्य संगठनों के लोग भी हाथों में बैनर पोस्टर और दानपेटी लेकर चौक चौराहों में सहायता मांगते नजर आए।