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कुत्ते के काटने से पागल सांड ने मचाया कोहराम, छह लोगों को पटक-पटक कर किया घायल

एक पागल सांड ने गया नगर इलाके में जमकर उत्पात मचाया। एक के बाद एक 6 लोगों को पटक कर घायल कर दिया।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jun 29, 2018

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कुत्ते के काटने से पागल सांड ने मचाया कोहराम, छह लोगों को पटक-पटक कर किया घायल

दुर्ग. एक पागल सांड ने गया नगर इलाके में जमकर उत्पात मचाया। एक के बाद एक 6 लोगों को पटक कर घायल कर दिया। लोगों ने बताया कि इस सांड कोआवारा कुत्ते ने काट दिया था। कुत्ते के काटने से वह पागल हो गया था। पागल सांड के उत्पात के कारण गया नगर इलाके में दहशत फैल गई थी। गुरुवार को नगर निगम के अमले ने इस पागल सांड को बहुत मुश्किल से पकड़ा।

बाद में सांड की मौत हो गई, जिसे निगम कर्मचारियों ने दफना दिया। पागल सांड ने वार्ड के मदन सोनी, चुम्मन देशमुख, मुन्नी बाई, एमके दिल्लीवार, कृष्णा चंद्राकर को घायल किया है। लोगों ने इसकी जानकारी निगम के लोक कर्म प्रभारी दिनेश देवांगन को दी। इसके बाद निगम कर्मियों ने गयानगर मुक्तिधाम के पास पागल सांड को पकड़ा। इसके कुछ देर बाद सांड ने दम तोड़ दिया।

बैगापारा इलाके में चार मासूम बच्चों को काटा था
पखवाड़े भर पहले शहर के बैगापार इलाके में कुत्ता ने गली में खेल रहे चार बच्चों को काटा था। एक बच्चे के गाल को नोच लिया था। निगम ने कुत्तों पर नियंत्रण के लिए उपया करने की बात कही थी,कुछ नहीं। अब बैगापारा से लगे गया नगर में कुत्ते ने सांड का काटा और पगाल सांड के उत्पात की घटना सामने आई।

दस साल बाद दिखा था असर, छात्र की मौत हो गई
सप्ताह पर पहले ही डिपरापारा के १६ साल के एक छात्र की मौत हो गई थी। छात्र को १० साल पहले कुत्ते ने काटा था, जब वह ६ साल का था। परिजन ने एंटीरैबिज इंजेक्शन नहीं लगाया। देशी इलाज करवाया था। दस साल बाद कुत्ते का काटने का असर दिखा और छात्र का जान गवांनी पड़ी।

कुत्तों की नसबंदी कर रहे न डॉग हाउस का निर्माण
निगम प्रशासन हर बार यह बोलकर पल्ला झाड़ लेता है कि डॉग हाउस के लिए जगह का चयन किया जा रहा है। पहले कोनारी में जगह देखी थी। ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलागंव में जगह देखी है। इसके बाद से सिर्फ बयानबाजी हो रही है। न आवारा कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण किया जा रहा है न डॉग हाउस का अता पता है।

सावधान: बरिश में आक्रमक हो जाते हैं आवारा कुत्ते
यह बारिश का सीजन है। इस सीजन में कुत्ते अधिक आक्रमक हो जाते हैं। लोगों पर हमला करने की आशंका बढ़ जाती है। जिला अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल में रोज औसतन पांच लोग कुत्ते काटने का इलाज करवाने आ रहे हैं। अन्य अस्पतालों में भी लोग कुत्ते काटने के मरीज पहुंच रहे हैं।

सांड को काटने वाला आवारा कुत्ता कहां है इसका पता नहीं है। निगम कर्मचारियों ने भी उस कुत्ते को खोजकर पकडऩे का प्रयास नहीं किया। लोगों में इस बात का भय है कि आवारा कुत्ता लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। लोगों को कहना है कि सांड को काटने वाला आवार कुत्ता क्षेत्र में घूम रहा है।

25 अप्रैल को भिलाई वृंदानगर नगर में खुंखार कुत्तों और आदमखोर सुअरों ने बुजर्ग महिला बचनी देवी (६५) को नोंच कर मार डाला था। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इस घटना की गूंज राजनीति के गलियारे में भी हुई है। जिला भाजपा की टीम ने मौके पर जाकर जांच की और इस घटने के लिए महापौर को जिम्मेदार ठहराया।

महापौर ने इसे प्रशासन की लापरवाही कहा। सत्तापक्ष के पार्षदों ने इस घटना के लिए नगर निगम कमिश्रर को जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि सुअरों को पकडऩे के लिए एमआइसी में टेंडर पास हो चुका है। इसके बाद भी निगम कमिश्रर ने अब तक वर्क आर्डर अब तक नहीं जारी किया। दूसरे दिन जिला प्रशासन की टीम मौके पर जांच करने पहुंची। तहसीलदार अश्वनी शर्मा के साथ आरआई और पटवारी मौजूद थे। उन्होंने स्पॉट निरीक्षण किया।

पंचनामा बनाया और आस पड़ोस को लोगों से पूछताछ की। चार लोगों का बयान भी दर्ज किया। मोहल्लेवासियों ने कहा कि महिला भटककर कचरा टीले के पास पहुंच गई थी। जहां से गिर कर नीचे चली गई थी। उसे ***** और कुत्तों नोच कर कर खा रहे थे। एक कचरा बिनने वाले लड़के देख। उसी ने इसकी सूचना दी। इसके बाद दिन तक आवारा सुअरों को पकडऩे का अभियान चलाया गया। अब यह भी
बंद है।