
सावन से पहले लगी झड़ी, फिरभी तांदुला-खरखरा खाली, मोंगरा से छोड़़ा 14 हजार क्यूसेक पानी
दुर्ग@Patrika. सावन से पहले ही रविवार को झड़ी की स्थिति रही। इसके चलते राजनांदगांव के मोंगरा बैराज से शिवनाथ में फिर से 14 हजार क्यूसेक पानी छोडऩा पड़ा। वहीं पूरे दिन बारिश के बाद भी दुर्ग और बालोद के जलाशयों में जलभराव की स्थिति संतोषजनक नहीं रहा। रविवार शाम तक तांदुला व खरखरा में महज 27 फीसदी पानी भर पाया था। जबकि खपरी में महज 8 फीसदी ही जलभराव हो पाया है। @Patrika
दो दिन पहले छोड़ा था 44 हजार क्यूसेक पानी
राजनांदगांव व कैचमेंट में अच्छी बारिश के कारण इससे पहले 17 जुलाई को भी मोंगरा से शिवनाथ में 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे महमरा के साथ शिवनाथ के सभी एनीकट डूब गए थे। एनीकट से पानी उतरने में दो दिन लग गए थे।@Patrika.
एनीकट से दो फीट नीचे पानी
@Patrika फिलहाल शिवनाथ के महमरा एनीकट से दो फीट नीचे पानी है। इससे पहले मोंगरा से पानी छोड़े जाने के कारण एनीकट के सभी गेट भी खोल दिए गए थे। ये गेट अब भी खुले रखे गए हैं। रविवार को छोड़ा गया पानी सोमवार की दोपहर बाद एनीकट पहुंचेगा। इससे फिर एनीकट के छलकने की स्थिति बन सकती है।
जलाशयों की यह स्थिति
तांदुला
कुल क्षमता - 106 74 मि. घनफुट
जलभराव - 28 8 4.11 मि. घनफुट
प्रतिशत - 27.02
खरखरा
भराव क्षमता - ५००० मि. घनफुट
जलभराव - १३५५.५० मि, घनफुट
प्रतिशत - 27.11
खपरी
क्षमता - ४१३ मि. घनफुट
जलभराव - ३३.९४ मि. घनफुट
प्रतिशत - ८.२२
गोंदली
कुल क्षमता -३४१० मि. घनफुट
जल भराव - 1416 .17 मि. घनफुट
प्रतिशत - 41.53
जिले में अब तक बारिश
ब्लॉक - बारिश(एमएम)
दुर्ग - 529.00
धमधा - 227.20
पाटन - 424.00
औसत - 393.40
अभी भी अच्छी बारिश की जरूरत
बीजी तिवारी ईई तांदुला जल संसाधन दुर्ग ने बताया कि बारिश हुई है, लेकिन इसकी रफ्तार ठीक नहीं रही। इस कारण जलाशयों में आवक नहीं बढ़ी है। अभी भी जलाशयों की स्थिति ठीक नहीं है। जलाशयों को भरने के लिए अभी भी अच्छी बारिश की जरूरत है। @Patrika
Published on:
22 Jul 2018 09:48 pm
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