
नई दिल्ली। चांद की सतह पर सफलतापूर्वक लैंडिंग करने में चंद्रयान 2 असफल हो गया था। उसका विक्रम लैंडर पहले ही स्लिप हो गया था। जिससे भारतीय वैज्ञानिकों की उम्मींद टूट गई थी। मगर इसरो के वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी है। अब वे जल्द ही चंद्रयान 3 को लांच करेंगे। तो क्या होगी इसकी खासियत आइए जानते हैं।
1.चंद्रयान 2 की नाकामयाबी के बाद अब इसरो के वैज्ञानिक चंद्रयान 3 को लांच करेंगे। बताया जाता है कि इसे अगले साल यानि 2020 में रवाना किया जाएगा।
2.नए मिशन में केवल लैंडर और रोवर शामिल होगा क्योंकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर ठीक तरह से कार्य कर रहा है।
3.चंद्रयान 3 की लांचिंग के लिए एक ओवरव्यू मीटिंग हुई है। जिसमें चंद्रयान 3 की लैंडिंग साइट पर बात की गई है।
4.बैठक में उपग्रह के नेविगेशन और लोकल नेविगेशन को भी शामिल किया गया है। इससे चंद्रयान 3 की सही लैंडिंग में मदद मिलेगी।
5.चंद्रयान-2 कुछ तकनीकी खामियों के चलते सफल नहीं हो पाया था। ऐसे में चंद्रयान 3 को एडवांस फ्लाइट प्रिपरेशन के तहत तैयार किया जाएगा।
6.पिछली बार चंद्रयान 2 की लैंडिंग के समय उसका विक्रम लैंडर फेल हो गया था। उसके डिसबैलेंस होने की वजह से वह चांद की सतह पर ठीक से नहीं उतर पाया था। ऐसे में चंद्रयान 3 में लैंडर के लेग्स को मजबूत किया जाएगा।
7.इसरो एक नया लैंडर और रोवर भी बना रहा है। नए लैंडर पर पेलोड की संख्या ज्यादा रखे जाने की संभावना है।
9.चंद्रयान 3 ठीक से लैंड करें इसके लिए उस पर सैटेलाइट की ज्यादा निगाहें होंगी। इसके लिए नेविगेशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
10.चंद्रयान 3 को एडवांस टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाएगा। इसमें हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे।
Updated on:
14 Nov 2019, 9:47 AM IST
Published on:
14 Nov 2019, 9:47 AM IST
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