10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

भ्रष्टाचार के आरोपी 15 आयकर अधिकारियों को दिया गया जबरन रिटायरमेंट

मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया आयकर विभाग के 49 अधिकारियों को पहले ही किया जा चुका बर्खास्त

less than 1 minute read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Sep 28, 2019

curruption.jpg

4.65 lakh will be recovered from sarpanch, secretary

नई दिल्ली। सरकार ने भ्रष्टाचार के कथित आरोपों के कारण आयकर विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दे दी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अधिकारियों को मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान यह चौथा मौका है, जब अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

इससे पहले आयकर विभाग के 49 अधिकारियों, जिनमें केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के 12 अधिकारी भी शामिल हैं, को इसी नियम के तहत जबरन रिटायरमेंट पर भेज दिया गया था।

यह भी पढ़ेंः-पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर, जानिए आपको कितने चुकाने होंगे अपने शहर में दाम

आधिकारिक सूत्र ने बताया कि शुक्रवार को 15 वरिष्ठ अधिकारियों को मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से हटाए जाने वालों में प्रधान आयुक्त (आयकर) ओ.पी. मीणा, आयकर कमिश्नर (सीआईटी) शैलेंद्र ममिदी और सीआईटी पी.के. बजाज शामिल हैं।

यह भी पढ़ेंः-वित्तमंत्री मंत्रालयों के पूंजीगत व्यय व योजनाओं की करेंगी समीक्षा

इसके साथ ही वरिष्ठ आयकर अधिकारी (आईटीओ) संजीव घई, के. जयप्रकाश, वी. अप्पला राजू, राकेश एच. शर्मा और नितिन गर्ग भी राजस्व सेवा से हटा दिए गए हैं। कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि जिन अधिकारियों की छुट्टी की गई है, उन्होंने टैक्स के मामलों को निपटाने के लिए रिश्वत ली थी।