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भ्रष्टाचार के आरोपी 15 आयकर अधिकारियों को दिया गया जबरन रिटायरमेंट

मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया आयकर विभाग के 49 अधिकारियों को पहले ही किया जा चुका बर्खास्त

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Saurabh Sharma

Sep 28, 2019

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4.65 lakh will be recovered from sarpanch, secretary

नई दिल्ली। सरकार ने भ्रष्टाचार के कथित आरोपों के कारण आयकर विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दे दी है। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अधिकारियों को मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया है। पिछले कुछ दिनों के दौरान यह चौथा मौका है, जब अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है।

इससे पहले आयकर विभाग के 49 अधिकारियों, जिनमें केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के 12 अधिकारी भी शामिल हैं, को इसी नियम के तहत जबरन रिटायरमेंट पर भेज दिया गया था।

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आधिकारिक सूत्र ने बताया कि शुक्रवार को 15 वरिष्ठ अधिकारियों को मौलिक नियम 56 (जे) और जनहित के तहत बर्खास्त कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से हटाए जाने वालों में प्रधान आयुक्त (आयकर) ओ.पी. मीणा, आयकर कमिश्नर (सीआईटी) शैलेंद्र ममिदी और सीआईटी पी.के. बजाज शामिल हैं।

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इसके साथ ही वरिष्ठ आयकर अधिकारी (आईटीओ) संजीव घई, के. जयप्रकाश, वी. अप्पला राजू, राकेश एच. शर्मा और नितिन गर्ग भी राजस्व सेवा से हटा दिए गए हैं। कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि जिन अधिकारियों की छुट्टी की गई है, उन्होंने टैक्स के मामलों को निपटाने के लिए रिश्वत ली थी।