
Cess on Cigarettes And Pan Masala
नई दिल्ली। सिगरेट और पान मसाला ( Cigarettes And Pan Masala ) के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। इसी महीने संभवित जीएसटी काउंसिल की मीटिंग ( GST Council Meeting ) में सिगरेट और पान मसाला पर सेस ( Cess on Cigarettes And Pan Masala ) बढ़ाया जा सकता हैै। वहीं इस मीटिंग में कंपन्सेशन जरूरतों को पूरा करने के उपायों पर भी चर्चा की जा सकती है। साथ ही कंपन्सेशन फंड को बढ़ाने के लिए तीन शीर्ष सुझावों पर भी चर्चा हो सकती है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से सरकार को काफी कम जीएसटी कलेक्शन ( GST Collection ) मिल रहा है। जिसकी वजह से कमाई भी नहीं हो रही है। जिसकी वजह से सरकार के खर्च भी पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
सिन गुड्स पर बढ़ेगा सेस
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में सिन गुड्स पर सेस बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा की जा सकती है। बीते कुछ दिनों में सिन गुड्स पर सेस बढ़ाने का सुझाव पंजाब, छत्तीसगढ़, बिहार, गोवा, दिल्ली जैसे राज्य दिया हैै। मौजूदा समय में सिन गुड्स यानी सिगरेट, पान मसाला और एरेटेड पेय पर सेस लगता है। साथ ही कार जैसे लक्जरी प्रोडक्ट्स पर भी सेस लगाया जाता है।
130 फीसदी तक बढ़ सकता है सेस
जानकारी के अनुसार पान मसाला पर 100 फीसदी सेस लगाया जाता हैै। सेस नियमों की मानें तो इसे लगाने की मैक्सीमम लिमिट 130 फीसदी तक होती है। अगर काउंसिल नियमों के हिसाब से चलती है तो पान मसाला पर 30 फीसदी तक सेस दर को बढ़ाया जा सकता है। वहीं एरेटेड पेय पर सेस की अधिकतम सीमा 15 फीसदी पर सेस लगाया जा सकता है। अभी यह 12 फीसदी है।
सिगरेट पर कितना बढ़ सकता है सेस
अगर बात सिगरेट की करें तो ज्यादा से ज्यादा सेस लगाया जा सकता है जोकि 290 फीसदी है, जिसमें वैलेरम के साथ 4170 रुपए प्रति हजार स्टिक है। मौजूदा समय में सिगरेट की सभी कैटेगिरीज पर 4,170 रुपए प्रति हजार स्टिक एक्सट्रा बर्डन पड़ता है। अगर बात सेस की करें तो अधिकतम 36 फीसदी ही सेस लगाया जाता है। जबकि जीएसटी काउंसिल के पास 254 फीसदी एक्सट्रा लगाने का ऑप्शन है।
Updated on:
12 Aug 2020 06:19 pm
Published on:
12 Aug 2020 06:09 pm
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