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जीएसटी ने भरी सरकार की झोली, 8 महीने में आए इतने लाख करोड़

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पिछले आठ महीनों में प्रत्येक राज्य का राजस्व गैप कम हुआ है, जोकि करीब 17 फीसदी है।

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नई दिल्ली।वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत इस साल मार्च तक 8 महीनों में कुल 7.19 लाख करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया गया और इस अवधि में औसत मासिक संग्रह 89,885 करोड़ रुपए रहा। यह जानकारी शुक्रवार को वित्त मंत्रालय ने दी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2017-18 में कुल जीएसटी संग्रह 7.41 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार कुल राजस्व में केंद्रीय जीसटी 1.1 लाख करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 1.72 लाख करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 3.66 लाख करोड़ रुपये (1.73 लाख करोड़ रुपये का आयात भी शामिल) और सेस 62,021 लाख करोड़ रुपये (5801 करोड़ रुपये निर्यात से) रहा।

राज्यों का राजस्व गैप कम हुआ: वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि पिछले आठ महीनों में प्रत्येक राज्य का राजस्व गैप कम हुआ है, जोकि करीब 17 फीसदी है। बयान में कहा गया कि इस साल के दौरान अनुपालन स्तर में प्रगतिशील सुधार हुआ है। देय तिथि के दौरान अनुपालन स्तर लगातार बढ़ रहा है। इस वित्त वर्ष के अंत तक इसका औसत 65 फीसदी होने की संभावना है, जबकि शुरुआती महीनों में 55-57 फीसदी रही थी। शुरुआती महीनों में रिटर्न का अनुपालन स्तर 90 फीसदी से अधिक है। आपको बता दें कि जीएसटी को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था।

जीएसटी काउंसिल की बैठक 4 मई को

जीएसटी को प्रभावी बनाने के लिए आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए बनी जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक 4 मई को होगी। काउंसिल की यह 27वीं बैठक होगी। इस बैठक में जीएसटी के नियमों में जरूरी संशोधन समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में जीएसटी रिटर्न फॉर्म को सरल बनाकर एक पेज का करने पर मुहर लग सकती है। एक अधिकारी के अनुसार रिटर्न को सरल बनाने के बारे में निर्णय एजेंडे में ऊपर है। सुशील मोदी की अगुवाई वाला मंत्रियों का समूह नए रिटर्न फॉर्म के तीन मॉडल पेश करेगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीमार होने के कारण बैठक वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिए की जाएगी।