
पर्यावरण बचाने के लिए यूपी सरकार की पहल, 15 जुलाई से पॉलीथिन के प्रयोग पर बैन
नई दिल्ली। पर्यावरण बचाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महाराष्ट्र की फणनवीस सरकार की राह पर चल निकली है। यूपी की योगी सरकार ने प्रदेश 50 माइक्रोन से ज्यादा मोटी पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश 15 जुलाई से लागू होंगे। सीएम कार्यालय के अनुसार फिलहाल शहरी निकायों में 50 माइक्रोन से मोटी पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। बाद में इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ पहले कई पर पॉलीथिन पर रोक की बात कह चुके हैं।
शहरों में अत्यधिक इस्तेमाल, पकड़े जाने पर 50 हजार का जुर्माना
उत्तर प्रदेश के पॉलीथिन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। खासकर शहरी क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है। इस कारण पहले शहरी निकायों में पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। जानकारी के अनुसार हाल ही में यूपी कैबिनेट में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी को मंजूरी देने के बाद पॉलीथिन पर रोक का फैसला लिया गया है। कैबिनेट से पास पॉलिसी के अनुसार यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल करता पाया जाता है तो उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हजारों लोगों की नौकरियों पर संकट
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए शानदार पहल की है। हालांकि यह पहल कितनी कारगर साबित होती है यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन प्रदेश सरकार के इस फैसले से हजारों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा सकता है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में रोजाना कई सौ करोड़ रुपए की पॉलीथिन का कारोबार होता है। इसमें हजारों की संख्या में लोग कार्य कर रहे हैं। एक आंकड़े के अनुसार अकेले लखनऊ शहर में रोजाना एक करोड़ रुपए की पॉलीथिन का व्यापार होता है। एेसे में यदि पूरे प्रदेश में पॉलीथिन पर रोक लगती है तो इसे बनाने वाली फैक्ट्रियां बंद हो जाएंगी। इससे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। आपको बता दें कि हाल ही में महाराष्ट्र की फणनवीस सरकार ने पॉलीथिन पर रोक लगाई है। इससे वहां करीब 30 हजार लोग बेरोजगार हो गए हैं।
Published on:
04 Jul 2018 10:19 am
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