
खुशखबरी, जून में होने जा रहा है पेट्रोल आैर डीजल सस्ता, जानिये कितना पड़ेगा फर्क
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बीते हफ्ते से जारी नरमी आगे और बढ़ सकती है, जिससे घरेलू बाजार में उभोक्ताओं को आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा की माने तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में जो नरमी आई है इससे घरेलू बाजार में तेल के दाम में आने वाले दिनों में फर्क पड़ना तय है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जो कच्चे तेल के दाम में तेजी या नरमी आती है उसका असर घरेलू बाजार में तीन हफ्ते बाद आता है। ऐसे में पेट्रोल और डीजल के भाव में फिलहाल और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि मई के पहले सप्ताह में वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 73-75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही रहा उसके बाद ही तेजी आई और भाव बढ़कर 22 मई को 80 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया। जिसके बाद गिरावट आई है।
इसलिए महंगा हुआ था पेट्रोल आैर डीजल
तनेजा कहते हैं कि पेट्रोल और डीजल के भाव में बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि क्रूड में तेजी के दौर में भारतीय तेल कंपनियों ने कितना तेल खरीदा क्योंकि महंगाई तभी जारी रहेगी जब कंपनियों ने महंगा तेल खरीदा होगा। तनेजा ने कहा, "पिछले दिनों कच्चे तेल में आई तेजी का कोई तुक नहीं था क्योंकि ईरान के बारे में तेल कंपनियों का नजरिया गलत था। ईरान पर प्रतिबंध लगाने से उसके तेल की बिक्री में निश्चित रूप से कमी आएगी क्योंकि तेल देश से बाहर भेजने के लिए उसे जो जहाज चाहिए वह ज्यादातर पश्चिमी देशों के पास हैं या फिर उसकी बीमा करने वाली कंपनियां पश्चिमी देशों के हैं मगर वह तेल बेचने के लिए विकल्प की तलाश जरूर करेगा।" उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत वापस 70 डॉलर प्रति बैरल के आपसपास आ सकती है।
आैर सस्ता हो सकता है क्रूड आॅयल
केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर विजय केडिया ने कहा कि रूस और और सऊदी अरब की ओर से तेल का उत्पादन बढ़ाने की बात करने से मौजूदा नरमी आई है, जो आगे और बढ़ सकती है। केडिया का अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकता है जबकि अमेरिकी क्रूड (डब्ल्यूटीआई) के भाव में 64 डॉलर प्रति बैरल तक की नरमी देखी जा सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में देखने को मिली नरमी
सोमवार को इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड का अगस्त एक्सपायरी वायदा पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले करीब एक डॉलर यानी 1.35 फीसदी की कमजोरी के साथ 75.44 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था जबकि सत्र के दौरान सौदे में 74.55-76.07 डॉलर प्रति बैरल के रेंज में कारोबार देखा गया। वहीं, न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमेक्स) पर डब्ल्यूटीआई का जुलाई एक्सपायरी वायदा करीब एक डॉलर यानी 1.53 फीसदी की कमजोरी के साथ 66.84 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। इससे पहले डब्ल्यूटीआई वायदा सौदे में 65.81-67.48 डॉलर प्रति बैरल के रेंज में कारोबार हुआ।
घरेलू बाजार में भी सस्ता हुआ पेट्रोल आैर डीजल
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर भी कच्चे तेल के सौदों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जून वायदे में भारतीय समयानुसार शाम पौने पांच बजे एमसीएक्स पर 73 रुपये यानी 1.59 फीसदी की गिरावट के साथ 4524 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार हुआ, जबकि इससे पहले वायदे में 4465-4580 रुपये प्रति बैरल के बीच कारोबार दर्ज किया गया। जून वायदे में पिछले दिनों अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी से 4900 रुपये से अधिक का उछाल देखा गया।
आज फिर बढ़े थे पेट्रोल-डीजल के दाम
घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार 15वें दिन सोमवार को भी बढ़े। तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई में पेट्रोल की कीमत सोमवार को 86.06 रुपये प्रति लीटर रही। दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल के दाम क्रमश: 78.27 रुपये, 80.91 रुपये और 81.26 रुपये प्रति लीटर हो गए। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में डीजल के दाम बढ़कर क्रमश: 69.17 रुपये, 71.72 रुपये, 73.64 रुपये और 73.03 रुपये प्रति लीटर हो गए।
Published on:
28 May 2018 07:47 pm
बड़ी खबरें
View Allअर्थव्यवस्था
कारोबार
ट्रेंडिंग
