पीएमसी बैंक के बाद महाराष्ट्र में एक और घोटाले की आशंका, लोगों के डूब सकते हैं करोड़ों रुपए

  • गुडविन ग्रुप का नाम आ रहा है सामने, प्रमोटर्स फरार
  • कंपनी की दो स्कीमों में लोगों ने किया हुआ है निवेश
  • कंप्लेन के बाद ज्वेलरी शोरूम को किया गया सील

नई दिल्ली। पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि महाराष्ट्र में एक और बड़े घोटाले की सुगबुगाहट की शुरूआत हो चुकी है। राज्य में अचानक से जूलरी शॉप के बंद होने से वो लोग ज्यादा परेशान हो गए हैं जिन्होंने शॉप की एक स्कीम में रुपया लगाया हुआ था। स्टोर मालिक फरार है। घर पर भी ताला लगा हुआ है। कंप्लेन होने पर पुलिस ने शोरूम को पूरी तरह से सील कर दिया है। आइए आपको भी बताते हैं इस संभावित घोटाले के बारे में...

साउथ के बड़ी ज्वेलरी कारोबारी का है मामला
नए संभावित घोटाले में अब एक और ज्वेलरी कारोबारी का नाम सामने आ रहा है। वो है गुडविन ज्वेलरी स्टोर के मालिक मालिक सुनील कुमार और सुधीश कुमार का है। जिनका अपना शोरूम होने के साथ डोंबिवली में ऑफिस और आवास दोनों है। सुनील तथा सुधीश दोनों केरल के निवासह हैं। मुंबई तथा पुणे में करीब 13 आउटलेट्स हैं। प्राइवेट लिमिटेड कंपनी गुडविन ग्रुप की वेबसाइट के अनुसार कंपनी के चेयरमैन सुनील कुमार हैं और सुधीश कुमार कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। दोनों भाई ज्वेलरी के कारोबार में पिछले 22 सालों से हैं।

करोड़ों रुपयों का हुआ खेल
जानकारी के अनुसार गुडविन ग्रुप की स्कीम्स में लोगों ने 2,000 रुपए से लेकर 50 लाख रुपए से अधिक का निवेश किया हुआ है। पुलिस के अनुसार लोगों द्वारा की गई निवेश की कुल रकम करोड़ों रुपयों में हो सकती है। अभी कुल रकम का पता नहीं लग सका है। रामनगर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर एसपी अहेर के अनुसार स्टोर्स के मालिकों और उनके एरिया मैनेजर मनीष कुंडी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। अभी तक स्कीम में रुपया लगाने वाले करीब 250 लोगों से संपर्क किया जा चुका है। कुल रकम का पता लगाने के लिए बयान भी दर्ज कराए जा रहे हैं।

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भाईयों ने निवेशकों को भेजा वॉयस मैसेज
वहीं जानकारी के अनुसार दोनों भाईयों की ओर से स्कीम में रुपया लगाने वालों को एक वॉयस मैसेज उनके मोबाइल पर भेजा गया है। जिसमें निवेश को सुरक्षित होने के साथ रुपया वापस करने का वादा भी किया गया है। मैसेज के अनुसार दोनों भाईयों ने यह बताने की कोशिश की है कि जो कुछ भी हुआ है वो तीन साल पहले एक मिस्कैंपेन की वजह से हआ है। जिसकी वजह से हमारी फैमिली पूरी तरह से फंस गई है और कारोबार भी प्रभावित हो गया है। इससे पूरे झंझट से निपटने के लिए हम एक और नए आइडिया पर काम कर रहे हैं।

गुडविन ग्रुप का कारोबार
गुडविन ग्रुप ने जूलरी, कंस्ट्रक्शन, सिक्यॉरिटी डिवाइसेज तथा एस्पोर्ट और इंपोर्ट में निवेश किया हुआ है। 1992 में कंपनी ने केरल में ज्वेलरी बनाया शुरू किया और उसके तीन साल के बाद कंपनी ने होलसेल के कारोबार में उतर आई। 2014 में ग्रुप का कारोबार महाराष्ट्र के मुंबई में फैल गया। कंपनी की शाखाएं वाशी, ठाणे, डोंबिवली में दो, चेंबूर, वसई, अंबरनाथ, पुणे में तीन तथा केरल में हैं। इसने विदेश में भी शोरूम खोलने वाला था।

कंपनी ने चलाई थी ये दो स्कीमें
कंपनी की ओर से दो स्कीमें चलाई थी, जिसके में लोगों ने लाखों रुपयों का निवेश किया हुआ है। पहली स्कीम के अनुसार में फिक्स्ड डिपॉजिट अमाउंट पर 16 फीसदी के ब्याज की पेशकश की गई थी। वहीं दूसरी स्कीम में डिपॉजिट के एक साल पूरे होने पर गोल्ड जूलरी देने की पेशकश की गई थी। कोई निवेशक एक साल के लिए एक महीने में चाहे कितनी भी रकम का निवेश कर सकता था। निवेशक अपनी रकम के बराबर गोल्ड ले सकता था या कैश चाहने वालों को 14 महीने के लिए इंतजार करना पड़ता था।

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Saurabh Sharma
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