8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

RBI बैठक : सरकार व केंद्रीय बैंक में कलह से कम हो सकता है निवेशकों का उत्साह, जानिए क्यों

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासन रिजर्व बैंक पर नजर बनाए हुए है। हाल ही में मोदी प्रशासन ने बोर्ड ड्राॅफ्ट रेग्युलेशन को एक पैनल बनाने काे कहा था जो वित्तीय स्थिरता, मौद्रिक नीति ट्रांसमिशन आैर रिर्जव प्रबंध पर काम कर सके।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Ashutosh Kumar Verma

•

Updated: 19 Nov 2018, 2:40 PM IST

RBI

RBI बैठक : सरकार व केंद्रीय बैंक में कलह से कम हो सकता है निवेशकों का उत्साह, जानिए क्यों

नर्इ दिल्ली। सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक पर दबाव बनाने के बाद भारतीय रुपए व बाॅन्ड में दबाव देखने को मिल सकता है। क्योंकि इस मामले से जुड़े जानकारों का मानना है कि इससे विदेशी निवेशकों का उत्साह कम हो सकता है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशासन रिजर्व बैंक पर नजर बनाए हुए है। हाल ही में मोदी प्रशासन ने बोर्ड ड्राॅफ्ट रेग्युलेशन को एक पैनल बनाने काे कहा था जो वित्तीय स्थिरता, मौद्रिक नीति ट्रांसमिशन आैर रिर्जव प्रबंध पर काम कर सके।


अारबीआर्इ पर दबाव से कम हो सकता है निवेशकों का उत्साह

सरकार व आरबीआर्इ के बीच चले रहे विवादों को लेकर निवेशकों का मानना है कि सरकार द्वारा उठाया एेसा कोर्इ भी कदम हो आरीबीआर्इ की स्वायत्तता पर लगाम लगाता है तो हमें भारत में निवेश को लेकर दोबारा सोचना पड़ेगा। हम भारतीय बाॅन्ड मार्केट में कदम रखने को लेकर सतर्क हैं। निवेशकाें ने यह भी कहा कि, किसी भी देश के लिए एक मजबूत संस्था बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इससे विदेशी पूंजी को आकर्षितक करने के लिए केंद्रीय बैंक को स्वतंत्र होना आवश्यक है।


इन प्रमुख बातों को लेकर आरबीआर्इ व सरकारी अधिकारियों के बीच चल रही बैठक

गौरतलब है कि आज (सोमवार ) भारतीय मौद्रिक नीति निर्माता व सरकारी अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक चल रही है। बैठक में इस बात पर खास चर्चा होगी कि केंद्रीय बैंक को कितनी पूंजी की जरूरत है आैर वह उधार दिए जाने वाले नियमों को लेकर कितना कठिन करना चाहती है।


रुपए में गिरावट

सोमवार को कारोबार के दौरान डाॅलर के मुकाबले रुपया 0.1 फीसदी लुढ़ककर 72.03 के स्तर पर है। इसके पहले सप्ताह में डाॅलर के मुकाबले रुपए में 0.8 फीसदी की मजबूती दर्ज की गर्इ थी। बाॅन्ड की बात करें तो भारतीय बेंचमार्क 10 साल बाॅन्ड यील्ड एक बेसिस अंक चढ़कर 7.83 फीसदी पर पहुंच गया है।