
Forex Reserve
नई दिल्ली।कोरोना वायरस काल ( Coronavirus Era ) में क्रूड ऑयल सस्ता और विदेशों से इंपोर्ट होने वाले समान में गिरावट और भारत का इंपोर्ट बिल कम होने और भारतीय कंपनियों के विदेशी कंपनियों के साथ डील होने के कारण लगातार 5वें सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार ( Forex Reserve ) में इजाफा देखने को मिला है। भारत का पहली बार विदेशी मुद्रा भंडार 520 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा विदेशी परिसंपत्ति ( Foreign Currency Asset ) और सोने के भंडार ( Gold Reserve ) में इजाफे की वजह से हुआ है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना बढ़ गया है।
रिकॉर्ड लेवल पर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार पांचवें हफ्ते इजाफा देखने को मिला है। 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा का देश का भंडार में 5 अरब डॉलर का इजाफा देखने को मिला। जिसके बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 522.63 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पहली बार हुआ है जब विदेशी मुद्रा भंडार 522 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले 17 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 1.28 अरब डॉलर बढ़कर 517.64 अरब डॉलर पर रहा था।
परिसंपत्ति और सोना के भंडार में बढ़ोतरी
रिजर्व बैंक के अनुसार विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति और स्वर्ण भंडार में बड़ी वृद्धि के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 5 अरब डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति की करें तो 24 जुलाई को समाप्त सप्ताह के दौरान 3.60 अरब डॉलर बढ़कर 480.48 अरब डॉलर हो गई। वहीं इसी अवधि में स्वर्ण भंडार 1.36 अरब डॉलर की वृद्धि के साथ 36.10 अरब डॉलर पर पहुंच गया। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास आरक्षित निधि 2.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.59 अरब डॉलर पर और विशेष आहरण अधिकार 90 लाख डॉलर बढ़कर 1.46 अरब डॉलर पर रहा।
Updated on:
02 Aug 2020 06:00 pm
Published on:
02 Aug 2020 05:53 pm
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