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इंक्रीमेंट में नहीं दिया इस बात पर ध्‍यान तो हो सकता है बड़ा नुकसान

अगर आपकी आपकी बेसिक सैलरी आपकी कुल सैलरी का 10 से 30 फीसदी तक है तो इसका मतलब है कि आपकी बेसिक सैलरी काफी कम है।

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Saurabh Sharma

May 02, 2018

Salary increment

Salary increment

नई दिल्‍ली। मई का महीना शुरू हो गया है। कुछ ही दिनों में सभी को इस बात का पता चल जाएगा कि आने वाले दिनों में आपकी सैलरी में कितना इजाफा होने वाला है। लेकिन आपने अपनी सैलरी में एक बात का ध्‍यान नहीं दिया तो आपको बड़ा नुकसान होने का खतरा है। तो सैलरी स्लिप आने के बाद आप सबसे पहले चेक करें कि आपके साथ भी तो वो नहीं हुआ जो आजकल सभी कंपनियों में हो रहा है। आपको बता दें कि जिस नुकसान की हम बात कर रहे हैं तो वो शॉर्ट नहीं बल्कि लांग टर्म का है। आइए आपको भी बताते हैं इस नुकसान के बारे में....

क्‍या आपकी बेसिक सैलरी कम तो नहीं?
अगर आप प्राइवेट सेक्‍टर में नौकरी करते हैं तो सबसे पहले अपनी सैलरी स्लिप चेक करें। अगर आपकी आपकी बेसिक सैलरी आपकी कुल सैलरी का 10 से 30 फीसदी तक है तो इसका मतलब है कि आपकी बेसिक सैलरी काफी कम है। ऐसे में आपका पीएफ भी कम कट रहा होगा। इससे आपकी पीएफ में रिटायरमेंट के समय तक कम पैसा इकठ्ठा होगा। जो आपकी रिटायरमेंट की बाद की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्‍त नहीं होगा। कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के पास बड़े पैमाने पर ऐसी शिकायतें आ रही हैं जिनमें कहा गया है कंपनियां अपने कर्मचारियों की बेसिक सैलरी जानबूझ कर कम रख रहीं है।

जरूरी है बेसिक सैलरी का बढ़ना
वर्तमान समय में कुछ तय नहीं है कि आपकी बेसिक सैलरी क्‍या होनी चाहिए। जिसका फायदा कंपनियां अपने तरीके से उठाती हैं और कर्मचारियों की बेसिक सैलरी जानबूझकर कम रखती हैं। जिसके बाद तमाम तरह के भत्‍तों को शामिल करती हैं। ना तो आप कंपनी को बाध्‍य कर सकते हैं कि कंपनी आपके अनुसार बेसिक सैलरी करे ना ही इसे बढ़ाने के लिए जबरदस्‍ती कर सकते हैं। लेकिन अपनी कंपनी में एचआर डिपार्टमेंट से इसे बढ़ाने की रिक्‍वेस्‍ट जरूर कर सकते हैं। अगर एचआर डिपार्टमेंट इस बात को समझता है तो आपकी बेसिक सैलरी में इजाफा हो सकता है। इससे आपका पीएफ ज्‍यादा कटेगा और आपके पीएफ फंड में ज्‍यादा रकम बढ़ जाएगी।

इंक्रीमेंट में बढ़ाएं अपनी सैलरी
सबसे महत्‍व की बात ये है कि हर साल जब भी इंक्रीमेंट इंक्रीमेंट होता है तो हम इस बात का ख्‍याल रखते हैं कि टोटल कितनी सैलरी में इजाफा हुआ है। इस बात की ओर ध्‍यान ही नहीं देते हैं कि बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोत्‍तरी हुई है। अगर लगातार कई सालों तक आपकी बेसिक सैलरी नहीं बढ़ रही है तो इससे आपको पीएफ के लिहाज से भारी नुकसान उठाना होगा। ऐसे में आप एचआर डिपार्टमेंट में यह बता सकते हैं कि कई सालों से आपकी बेसिक सैलरी रिवाइज नहीं हो रही है।

नौकरी बदलने में भी देखें सैलरी स्‍ट्रक्‍चर
वहीं दूसरी ओर जब भी आप नौकरी बदलते हैं तो वहां भी अधिकतर इस बात पर ज्‍यादा ध्‍यान दिया जाता है कि पिछली कंपनी के मुकाबले में कितनी ज्‍यादा सैलरी बढ़ी है। इस बात पर ध्‍यान नहीं देते हैं कि बेसिक सैलरी में कितना अंतर आया है। इसलिए आप इस बात पर ज्‍यादा जोर दें कि आपकी बेसिक सैलरी ज्‍यादा हो। इससे कंपनी आपका सैलरी स्‍ट्रक्‍चर तय करते समय इस बात का ध्‍यान रखेगी और आपकी बेसिक सैलरी ज्‍यादा रखेगी।