अगर आज के समय की बात की जाए तो चांदना हर साल न सिर्फ 7 लाख रुपए कमा रही हैं, बल्कि वह आठ महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। चांदना को इंसटेंट चपाती व पूड़ी मेकिंग यूनिट शुरू करें तीन साल हो गए हैं। अब चांदना महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। इतना ही नहीं सरकार भी चांदना की सराहना करने में लगी हैं। सरकार अपनी PMEGP योजना को सफल बनाने और लोगों को PMEGP से लोन लेकर खुद का करोबार शुरु करने के लिए प्रेरित कर रही है।