
atm withdrawal and rbi
नई दिल्ली: 2019 में reserve bank of india (RBI) की एक समिति ने एटीएम (ATM) से 5000 या इससे ज्यादा की रकम निकालने पर एकस्ट्रा चार्ज लगाने की सिफारिश की थी । इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी वीजी कन्नन की अध्यक्षता वाली समिति ने यह रिपोर्ट 22 अक्टूबर 2019 को आरबीआई को सौंपी थी। कन्नन ने ये सिफारिश ATM से निकालने जाने वाले कैश में कमी ( atm withdrawal restriction ) लाने के लिए की थी । एक RTI में इस बात का खुलासा हुआ, लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं हो जाती । दरअसल ये सिफारिश की तो गई थी लेकिन इस रिपोर्ट को कभी भी जारी नहीं किया गया।
आरटीआई कार्यकर्ता ( rti activist ) श्रीकांत एल ने इस बारे में rbi से जानकारी मांगी थी RTI को RBI के पब्लिक इन्फॉर्मेशन ऑफिसर द्वारा खारिज कर दिया गया था। बैंक का कहना था कि इस रिपोर्ट को विवादास्पद क्षमता में रखा गया है और इसकी जानकारी देने से मना कर दिया था लेकिन श्रीकांत के अपीलेट प्राधिकरण में याचिका दायर करने के बाद प्राधिकरण के आदेश पर RBI ने कमेटी की यह रिपोर्ट उपलब्ध कराई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एटीएम उपयोग शुल्क पर इंटरचेंज फीस और कैप की समीक्षा 2012 और 2008 के बाद से नहीं की गई है। जबकि ऑपरेटिंग एटीएम की लागत में जबरदस्त तरीके से वृद्धि हुई है। जिसकी वजह से ये सिफारिश दी गई थी। चलिए आपको बताते हैं कि इस रिपोर्ट में और किन-किन बातों की सिफारिश की गई थी।
रिपोर्ट की मुख्य बातें-
Updated on:
20 Jun 2020 11:24 am
Published on:
20 Jun 2020 11:16 am
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