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ये शख्स 180 रुपए में करता था नौकरी, ऐसे बन गया 100 करोड़ का मालिक

अगर आप सफल बनना हैं तो आपको ये पात समझनी पड़ेगी की मेहनत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। अगर आप कड़ी मेहनत करेगें तो एक ना एक दिन जरुर सखल होगों।

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 एस.अहमद मीरान

ये शख्स 180 रुपए में करता था नौकरी, ऐसे बन गया 100 करोड़ का मालिक

नई दिल्ली। अगर आप सफल बनना हैं तो आपको ये पात समझनी पड़ेगी की मेहनत करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। अगर आप कड़ी मेहनत करेगें तो एक ना एक दिन जरुर सखल होगों। ऐसी ही कड़ी मेहनत कर एस.अहमद मीरान ने सफलता हासिल कर ली हैं। एक ऐसा वक्त था जब एस.अहमद मीरान सिर्फ 180 रुपए ही कमा पाते थें। लेकिन आज उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से 100करोड़ का करोबार खड़ा कर लिया हैं।

180 रुपए में करते थे नौकरी
अगर आप लगन और मेहनत से काम करोगें तो आप कभी असफल नहीं हो सकते हैं। एस.अहमद मीरान के सामने भी कई मुश्किले आई लेकिन उन्होंने कभी हीर नहीं मानी । साल 1975 में एस.अहमद मीरान ने टेलीफोन ऑपरेटर के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने के बाद जब वो अपना पहला इंटरव्यू देने गए तो वे उसमें सफल रहे और उन्हें नौकरी मिल गई। लेकिन मीरान की सैलरी सिर्फ 180 रुपए ही थी।

पढ़ाई के साथ की नौकरी
मीरान अपना बिजनेस शुरु करना चाहते थे। उसके लिए मीरान को पैसों की जरुरत थी। इसलिए मीरान ने पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी करने का फैसला किया।
मीरान ने जब टेलीफोन ऑपरेटर की नौकरी करना शुरु किया उस वक्त मीरान अपनी बी.कॉम की पढ़ाई कर रहे थे। वहां पर मीरान घंटों के हिसाब से काम करते थे,वो रोजाना 6 घंटे का टेलीफोन ऑपरेटर का काम करते थे। मीरान हफ्ते के सतों दिन काम करते थे।

बिजनेस के लिए बचाते थे पैसे
मीरान को जितने भी पैसे मिलते थे वो उसमें से कुछ बचा कर रख लेते थे। ताकि वो उस पैसों से अपना खुद का बिजनेस शुरु कर सकें। जैसे-जैसे सैलरी बढ़ती गई, मीरान की बिजनेस चलाने की सोच और गहरी होती गई। फिर 1983 में मीरान ने टेलीफोन ऑपरेटर की नौकरी छोड़ कर चैन्नई जाने का फैसला किया। वहां पर मीरान ट्रैवल एंजेसी से जुड़ गए। उसके बाद मीरान पायनियर कूरियर के साथ काम करने लगे। 1987 में मीरान ने अपनी काबिलियत के दम पर सात अन्य लोगों के साथ मीरान ने प्रोफेशनल कूरियर प्राइवेट लिमिटेड की सह-स्थापना हासिल कर ली।

ऐसे शुरु किया खुद का बिजनेस
मेरान जल्दी ही व्यापार की चाल को समझ गए। फिर उन्होंनें अपना खुद का बिजनेस खोल लिया। यह समय भारत में कूरियर व्यवसाय के शुरुआती दिनों में से था। उन्होंने कूरियर के कवर को बड़े-बड़े क्लाइंट से जोड़ा। उस समय इंडियन बैंक और नाबार्ड दो अहम क्लाइंट थे। उसके बाद मीरान ने अपनी सर्विस बड़े शहर दिल्ली,मुंबई, चैन्नई, कोलकाता, कोच्चि, बैंगलुरु और हैदराबाद में देना शुरू कर दिया। उनकी कंपनी ने साल 1993 और 2002 के बीच 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी की।

ऐसे बन गए 100 करोड़ के मालिक
आज मीरान कूरियर कंपनी के मालिक है। उनके पास 8000 से ज्यादा कर्मचारी और 900 ब्रांच है। कंपनी का सालाना टर्नओवर 100 करोड़ के ऊपर रहता है। मीरान बताते हैं कि हम हर महीने 2 करोड़ की सैलरी कर्मचारियों को देते हैं। मेरे लिए ये बहुत संतुष्टि वाली चीज है कि मैंने इतने लोगों को रोजगार दिया। उनका मानना है, काम एक मजेदार चीज है और अगर आप किसी को मजेदार तरीके से करते हैं तो लाइफ हमेशा खुश और रिलेक्स बीतती है।