
Second largest decline in service sector in 14 years history
नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी ( Covid 19 ) और लॉकडाउन ( Lockdown ) के कारण उत्पादन तथा नये ऑर्डरों में अप्रैल की तुलना में भारी गिरावट से देश के सर्विस सेक्टर ( Service Sector ) में मई में दूसरी बड़ी ऐतिहासिक मंदी दर्ज की गई। इससे पहले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ( Manufacturing Sector ) की रिपोर्ट काफी अच्छी नहीं थी। लाखों लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। जिसकी वजह से सेक्टर पूरी तरह से डूबा। वैसे आंकड़े अप्रैल की तुलना में अच्छे दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि दोनों ही सेक्टर तें अप्रैल के महीने में ऐतिहासिक गिरावट देखने को मिली थी। आइए आपको भी बताते हैं कि सर्विस सेक्टर की किस तरह की रिपोर्ट आई है।
Service Sector हुआ धड़ाम
आईएचएस मार्किट की आज जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में सर्विस सेक्टर गतिविधि सूचकांक 12.6 दर्ज किया गया। माह दर माह आधार पर जारी आईएचएस मार्किट की रिपोर्ट में सूचकांक का 50 से नीचे रहना गिरावट को दर्शाता है। सूचकांक 50 से जितना अधिक नीचे होता है गिरावट उतनी ही बड़ी होती है। पचास का स्तर स्थिरता और सूचकांक का इससे अधिक होना तेजी का प्रतीक है। रिपोर्ट के अनुसार, 14 साल के इतिहास में इस साल अप्रैल के बाद की यह सबसे तेज गिरावट है। अप्रैल में सूचकांक 5.4 पर रहा था। आईएचएस मार्किट ने 14 साल पहले ही सर्विस सेक्टर के आंकड़े एकत्र करना शुरू किया था।
क्या कहते हैं जानकार
आईएचएस मार्किट के अर्थशास्त्री जो हेज ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सेवा क्षेत्र में घरेलू और विदेशी दोनों तरह की माँग कमजोर बनी हुई है। क्लाइंटों का कारोबार बंद रहने और ग्राहकों की आवक में ऐतिहासिक गिरावट के कारण माँग में कमी आयी है। हेज ने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद के कोविड-19 से पहले के स्तर पर पहुँचने में समय लगेगा। कमजोर माँग के बीच कंपनियों ने जमकर कर्मचारियों की छँटनी की हालाँकि इसकी रफ्तार भी अप्रैल की तुलना में कम रही। इन सबके बीच अगले एक साल के लिए कारोबारी धारणा ऐतिहासिक निचले स्तर पर रही।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के आंकड़े भी अच्छे नहीं
इससे पहले 01 जून को विनिर्माण क्षेत्र के आँकड़े जारी किये गये थे और उसमें भी बड़ी गिरावट के साथ सूचकांक 30.8 दर्ज किया गया था। देश के विनिर्माण क्षेत्र में इस साल अप्रैल की तुलना में मई में उत्पादन और नये ऑर्डरों में गिरावट बढ़ गई तथा कंपनियों ने ऐतिहासिक स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की। जिसकी वजह से मई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 30.8 दर्ज किया गया जिसका मतलब यह है कि अप्रैल की तुलना में विनिर्माण गतिविधियों में भारी गिरावट आयी है। हालाँकि अप्रैल के मुकाबले गिरावट की रफ्तार मामूली रूप से कम रही। अप्रैल में सूचकांक 27.4 दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनियों ने मई में ऐतिहासिक स्तर पर कर्मचारियों की छँटनी की है। कर्मचारियों की छँटनी की रफ्तार मई में इन 14 साल में सर्वाधिक रही। इससे पिछला रिकॉर्ड स्तर इसी साल अप्रैल में दर्ज किया गया था।
Updated on:
03 Jun 2020 01:00 pm
Published on:
03 Jun 2020 12:55 pm
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