
नई दिल्ली। संसद के उच्च सदन में कश्मीर से धारा 370 हटाने का प्रस्ताव आ चुका है। जिसकी वजह से सदन में हंगामा भी चल रहा है। वैसे एनडीए के सत्ता में आने के बाद से देश के लोगों को कश्मीर से इस धारा को हटाने की चर्चा हो चुकी थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल में इस मुद्दे से थोड़ा दूर ही रही। अब जब मोदी सरकार पहले की तुलना में और मजबूती के साथ सत्ता में लौटी है। इस मुद्दे को संसद में लेकर आ गई है। अब सवाल ये है कि आखिर जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के क्या फायदें होंगे। वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को कितना फायदा होगा। राज्य की इकोनॉमी को किस तरह से लाभ होगा। आइए आपको भी बताते हैं...
आखिर क्या है धारा 370
पहले हम सभी धारा 370 को समझ लेते हैं। जिसकी वजह से देश की संसद में इंगामा चल रहा है। वास्तव में देश की आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ कैसा रिश्ता होगा इसका पूरा एक प्रस्ताव जम्मू कश्मीर की सरकार ने बनाया था। जिसे पहले कश्मीर की संविधान सभा ने 27 मई, 1949 को कुछ बदलाव के साथ आर्टिकल 306ए ( अब आर्टिकल 370 ) को स्वीकार किया। उसके बाद 17 अक्टूबर, 1949 को भारतीय संविधान का हिस्सा बना। इस आर्टिकल में कहा गया है कि देश की संसद को जम्मू-कश्मीर के लिए रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा किसी दूसरे विषय में कानून बनाने का अधिकार नहीं होगा। वहीं इस आर्टिकल में जम्मू-कश्मीर को अपना अलग संविधान बनाने की परमीशन भी दी गई।
धारा 370 हटने के आखिर क्या है फायदे
- अगर बात जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के फायदों की करें तो राज्य में व्यापार और इंडस्ट्री के लिहाज से निवेश बढ़ सकता है। जो अब तक वहां के माहौल की वजह से नहीं आ रहा था।
- जम्मू कश्मीर में व्यापार और उद्योग आएगा तो प्रोडक्शन बढ़ेगा। जिसका असर राज्य की जीडीपी पर सकारात्मक रूप से बढ़ेगा। जिसका फायदा वहां के लोगों को सीधे तौर होगा।
- इंडस्ट्री और व्यपाार आने से जम्मू और कश्मीर के स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्हें अपने घर को छोड़कर दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए नहीं जाना होगा। वहां के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में इजाफा होगा और जीवनशैली में सुधार होगा।
- जम्मू कश्मीर के लोग मुख्य रूप से टूरिज्म सेक्टर से जुड़े हुए हैं। प्रदेश और वहां के लोगों को टूरिज्म सेक्टर में बड़ा फायदा होता है। जब से कश्मीर के हालात बिगड़े हैं। तब से वहां टूरिज्म में फर्क पड़ा है। खासकर कश्मीर पर। 370 हटने की वजह से कश्मीर के टूरिज्म को फायदा होगा।
- इस समय जम्मू कश्मीर में प्राइवेट हॉस्पिटलों की बहुत कमी है, धारा 370 हटने के बाद कई प्राइवेट हॉस्पिटल वहां खुलने के आसार बढ़ेंगे।
धारा 370 हटने के नुकसान
- जब किसी चीज के फायदे होते हैं तो उसके नुकसान भी होते हैं। धारा 370 के साथ भी कुछ ऐसा है। धारा 370 के रहने से दूसरे राज्यों के लोग कश्मीर में कोई व्यवसाय नहीं कर सकते इसलिए वहां की मार्केट कांप्टीशन ज़्यादा नहीं है। 370 हटने से बाहर से निवेश आएगा और दूसरे राज्यों के लोगों का बिजनेस आने से प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ जाएगी। जिसका नुकसान मूल कश्मीरियों को हो सकता है।
- धारा 370 हटने से कश्मीर में प्रॉपर्टी का दाम में उछाल देखने को मिलेगा। मौजूदा समय में कश्मीर में प्रॉपर्टी का दाम सीमित दायरे में हैं।
- बाहरी निवेश से प्रदेश में फैक्ट्रियां और इंडस्ट्री लगेगी। कश्मीर में जो काम हाथों से हो रहा है वो मशीनों से होगा। ऐसे में कश्मीर के मशहूर हैंडीक्राफ्ट उद्योग को काफी नुकसान होगा।
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Updated on:
05 Aug 2019 01:02 pm
Published on:
05 Aug 2019 12:49 pm
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