
नई दिल्ली। बाल अधिकारों की संरक्षा को लेकर सक्रिय एक गैर सरकारी संगठन सेव द चिल्ड्रेन ने लड़कियों की शिक्षा को लेकर एक ऑनलाइन अभियान चलाया है। वहीं इस संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि कोरोना महामारी के चलते लड़कियों का स्कूल न छूटे। इसके पीछे संगठन का मकसद लड़कियों की शिक्षा के जरिए सीखने की निरंतरता बनाए रखना है। गैर सरकारी संगठन के इस अभियान को बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा और संजना सांघी का भी समर्थन मिला है।
10 मिलियन लड़कियों का स्कूल न लौट पाना मुश्किल
बॉलीवुडवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा और संजना सांघी सहित 30,000 से अधिक लोगों द्वारा ऑनलाइन अभियान का समर्थन किया है। संगठन ने कोरोना के कारण स्कूलों के बंद होने से लड़कियों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 100 दिनों का एक्शन प्लान पर काम करने की भी जरूरत बताई है। ताकि नुकसान की न्यूनतम भरपाई हो सके। याचिका में कहा गया है कि कोरोना की वजवह से दस मिलियन लड़कियों के कभी स्कूल न लौट पाने का खतरा है।
शिक्षा से दूर हो जाएंगे कामगारों के बच्चे
कोरोना के चलते स्कूल बंद करना एक प्रभावी एहतियाती उपाय है। लेकिन यह दौर जितना लंबा खिचेगा बच्चे उतने ही शिक्षा से दूर होते जाएंगे। ऐसे में उनके स्कूल लौटने की संभावना न के बराबर है। इस स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि बच्चों, माता-पिता, देखभाल करने वालों शैक्षिक व अन्य कर्मियों के लिए COVID-19 के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए जरूरी सहायता मुहैया कराने की कोशिश हो। ऐसा न होने पर निर्धन और कामगारों के बच्चों हमेशा के लिए स्कूल से दूर हो सकते हैं।
Updated on:
12 Jul 2021 09:31 pm
Published on:
12 Jul 2021 09:23 pm
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