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अब कॉलेजों में पढ़ाने के लिए भी लेनी होगी AICTE से ट्रेनिंग, बने नए नियम

टीचर्स को किसी भी कॉलेज में टीचिंग से पहले AICTE Academy में एक सेमेस्टर इसकी पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद उनका असेसमेंट और एग्जाम होगा। जिसमें पास होने वाले टीचर्स को सटिफिकेट दिया जाएगा और वे AICTE सर्टिफाइड टीचर हो जाएंगे।

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जयपुर

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Sunil Sharma

Nov 06, 2018

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इंजीनियरिंग समेत मैनेजमेंट और अन्य तकनीकी कॉलेजों में टीचिंग से पहले देशभर के 30 हजार नए टीचर्स की ट्रेनिंग जरूरी होगी। ये टीचर हर साल इंजीनियरिंग कॉलेजों से जुड़ते हैं और टीचिंग कराते हैं। अब इन टीचर्स को कॉलेजों में टीचिंग से पहले छह महीने की ट्रेनिंग लेनी होगी। जयपुर में अगले साल शुरू होने जा रही एआइसीटीई एकेडमी में प्रदेश के ऐसे लगभग 800 टीचर्स की ट्रेनिंग होगी। देशभर में चार एकेडमी खोला जाना प्रस्तावित है।

काउंसिल के सूत्रों के अनुसार, टीचर्स ट्रेनिंग का कॅरिकुलम फाइनल कर लिया गया है। इसमें आठ मॉड्यूल बनाए गए हैं। जिसमें शिक्षक के सद्गुण, उसकी भूमिका, एक घंटे क्लास की प्लानिंग, लेक्चर डिलीवरी, कम्यूनिकेशन स्किल्स, असेसमेंट, क्वेश्चन पेपर सेटिंग जैसे आठ मॉड्यूल बनाए गए हैं। इसके साथ ही टीचर्स को ह्यूमन वैल्यूज सीखनी होंगी। वहीं क्लासरूम मैनेजमेंट के साइंटिफिक तरीके, टीचिंग की आइसीटी टेक्नोलॉजी के मॉड्यूल को भी शामिल किया गया है।

M.Tech. के साथ कर सकेंगे ट्रेनिंग
यह ट्रेनिंग पूरे एक सेमेस्टर और करीब 450 घंटे की होगी। टीचर्स को किसी भी कॉलेज में टीचिंग से पहले एक सेमेस्टर इसकी पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद उनका असेसमेंट और एग्जाम होगा। जिसमें पास होने वाले टीचर्स को सटिफिकेट दिया जाएगा और वे AICTE सर्टिफाइड टीचर हो जाएंगे। इसके बाद वे दूसरे सेमेस्टर से स्टूडेंट्स को पढ़ा सकेंगे। खास बात यह है कि एमटेक स्टूडेंट्स को भी यह ट्रेनिंग अनिवार्य होगी। यदि वे एमटेक के साथ इसे पूरा करते हैं तो पढ़ाई पूरी करने के बाद फैकल्टी के तौर पर वे किसी भी कॉलेज में पढ़ा सकेंगे। ज्यादातर कोर्स ऑनलाइन भी अवेलेबल होंगे।

फंडिंग भी होगी
काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि एकेडमी खुलने के बाद काउंसिल की 30 स्कीमों का प्रचार-प्रसार और उन्हें लागू करने के लिए यहां से ऑपरेशन हो सकेंगे। इसके अलावा स्टार्टअप को फंडिंग और स्कॉलरशिप जैसी स्कीमों को कॉलेजों में लागू करने संबंधी कार्य यहां से हो सकेंगे।

कॅरिकुलम में आठ मॉड्यूल तय किए गए हैं। जिनसे टीचर्स की ट्रेनिंग होगी। यह ट्रेनिंग नए टीचर्स को जरूरी होगी। टीचर्स के ओवरऑल डवलपमेंट और उनकी क्वालिटी में सुधार होगा।’
- प्रो.एम.पी.पूनिया, वाइस चेयरमैन, AICTE