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AICTE: इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए जॉब अपॉर्च्यूनिटीज बढ़ाने के साथ ही उन्हें रेडी टू इंडस्ट्री बनाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया काउंसिल फोर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने इंजीनियरिंग कॉलेजों को बीटेक में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) जैसे इमर्जिंग एरियाज में स्पेशलाइज्ड कोर्स चलाने की परमिशन दी है। एआइसीटीई की बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘स्टेकहोल्डर्स वर्कशॉप ऑन अप्रूवल प्रोसेस 2020-21’ में चेयरमैन अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि इंस्टीट्यूशन को स्पेशलाइज्ड कोर्स चलाने के लिए एफिलिएटिंग यूनिवर्सिटी से परमिशन लेनी होगी। इससे स्टूडेंट्स देश के साथ ही ग्लोबली जॉब्स के लिए एलिजिबल होंगे।
इनटेक के अकॉर्डिंग होगी प्रोसेसिंग फीस
टेक्निकल एजुकेशन एक्सपर्ट पुनीत शर्मा ने बताया कि एआइसीटीई की ‘रेशनल पॉलिसी फोर प्रोसेसिंग फीस’ कम सीटों वाली इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए हेल्पफुल होगी। एक्सटेंशन के लिए जहां पहले सभी कॉलेजों को एक-एक लाख रुपए देने होते थे, वहीं अब इनटेक के अकॉर्डिंग प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। अब इसके लिए 16 हजार रुपए देने होंगे।
स्टूडेंट्स को लेने होंगे 16 से 20 क्रेडिट
एआइसीटीई के अनुसार, कन्वेंशनल ब्रांच में इमर्जिंग एरियाज में स्पेशलाइजेशन के लिए स्टूडेंट्स को 16 से 20 क्रेडिट अलग से लेने होंगे। इन क्रेडिट्स के बाद ही स्टूडेंट्स की डिग्री में स्पेशलाइजेशन को मेंशन किया जाएगा। अगर कोई स्टूडेंट्स अपनी पैरेंट ब्रांच के अलावा किसी दूसरे इमर्जिंग एरिया के क्रेडिट्स लेता है, तो उस स्टूडेंट को अपनी कन्वेंशनल ब्रांच की डिग्री के साथ ही इमर्जिंग एरिया का माइनर सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
Updated on:
21 Feb 2020 05:21 pm
Published on:
21 Feb 2020 05:21 pm
