
Bihar Board Exam 10th And 12th: बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी से शुरू होंगी। 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 17 फरवरी से 25 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। वहीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 1 से 15 फरवरी तक चलेंगी। 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दो शिफ्ट में आयोजित की जाएंगी।
बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा 1, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 11,13 और 15 फरवरी 2025 को आयोजित की जाएगी। 12वीं बोर्ड की परीक्षा भी दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहले शिफ्ट में जीवविज्ञान (आई.एस.सी.) और दर्शनशास्त्र (आईए) की परीक्षा होगी। वहीं दूसरी शिफ्ट में अर्थशास्त्र (आईए) और अर्थशास्त्र (आईकॉम) की परीक्षा आोयजित की जाएगी।
17 फरवरी 2025 को 10वीं बोर्ड की परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट की परीक्षा 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। पहले दिन मातृभाषा जिसमें बंगला, उर्दू, हिंदी और मैथिली का पेपर शामिल है। वहीं दूसरी शिफ्ट की परीक्षा का आयोजन 2:00 बजे से शुरू होकर 5:15 बजे तक चलेगी।
बिहार बोर्ड 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा में करीब 29 लाख छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें से 10वीं यानी मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 15.85 लाख के करीब है और 12वीं यानी इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या 12.90 लाख के करीब है। परीक्षा के लिए बोर्ड की ओर से बिहार के 38 जिलों में 1585 केंद्र बनाए गए हैं। चोरी और नकल जैसी चीजों से बचने के लिए बोर्ड की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
बोर्ड ने सुनिश्चित कर दिया है कि छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड में कोई गलती या करेक्शन की गुंजाइश है तो वो अपना एक वैलिड ID प्रूफ अपने साथ परीक्षा केंद्र पर लेकर जाएं। ID प्रूफ के लिए छात्र आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या फिर फोटो वाली बैंक पासबुक में से कोई एक पहचान पत्र के तौर पर ला सकते हैं। परीक्षा के दौरान पूरे कक्षा की वीडियोग्राफी की जाएगी और पूरे CCTV से निगरानी भी रखी जाएगी। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के क्षेत्र में धारा 144 लागू रहेगी।
बोर्ड की ओर से पूर्व में जारी नोटिस में साफतौर पर कहा गया था कि परीक्षा में छात्र-छात्राएं जूते मोजे पहनकर न आएं। बोर्ड ने जूते मोजे पर प्रतिबंध लगाने के पीछे नकल रोकने का कारण बताया था। हालांकि, छात्रों की ओर से इस का विरोध किया गया क्योंकि बिहार के कई जिलों में अभी भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में बोर्ड ने अपने इस निर्णय को वापस लिया और जूते मोजे को मंजूरी दे दी है।
Updated on:
1 Feb 2025, 8:20 AM IST
Published on:
31 Jan 2025, 10:28 AM IST
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