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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में इस बार भी गड़बडिय़ां चरम पर है। जेईई मेन जैसी कठिन परीक्षा पास करने वाले स्टूडेंट को सिर्फ एक नंबर दिया गया है। वहीं कुछ छात्रों को पूर्णांक से ज्यादा अंक दे दिए गए हैं। यानी कि अगर परीक्षा 25 अंकों की थी तो स्टूडेंट को 25 में से 28 नंबर दे दिए गए हैं। भागलपुर के प्रवीण ने जेईई मेन पास कर एडवांस की परीक्षा दी है। देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक जेईई मेंस पास करने वाले प्रवीण बिहार बोर्ड की बदौलत १२वीं में वे फेल हो गए हैं। हिंदी के 25 अंक के थ्योरी पेपर में उसे 28 अंक मिले हैं, वहीं 25 के ऑब्जेक्टिव में जीरो यानी कि शून्य मिला है। अंग्रेजी थ्योरी में 25 अंक में से 36 दिए गए हैं, लेकिन ऑब्जेक्टिव में फिर जीरो मिला है। इसी तरह अरवल के भीम कुमार को गणित थ्योरी पेपर में कुल 35 में से 38 अंक मिले हैं और ऑब्जेक्टिव में 35 में 37 अंक दिए गए हैं। दरभंगा के राहुल को गणित ऑब्जेक्टिव पेपर में 35 में 40 अंक तो पूर्वी चंपारण के एक छात्र को भौतिकी के थ्योरी पेपर में 35 में 38 अंक दे दिए गए हैं।
यह है गड़बड़
25 अंक के थ्योरी पेपर
28 अंक मिले पेपर में
25 अंक के ऑब्जेक्टिव में जीरो मिला
36 अंक दिए हैं 25 अंक के पेपर में
नाराज छात्रों ने किया प्रदर्शन
इंटर का रिजल्ट आने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। समस्तीपुर, छपरा समेत कई शहरों में शनिवार को छात्रों ने सडक़ जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। बोर्ड ने कहा कि प्रभावित छात्रों को 16 जून तक अपनी उत्तर पुस्तिका की जांच का अवसर मुहैया कराया जा रहा है। कुछ मामलों में जांच के बाद उनके अंक बढ़-घट सकते हैं। पिछले कुछ सालों से बिहार बोर्ड के रिजल्ट में गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं। कभी बिहार बोर्ड के टॉपर्स मीडिया के सवालों के आगे ढेर हो जाते हैं, तो कभी यहां बड़े पैमाने पर नकल की खबरे आती रही हैं। ऐसे में बिहार में शिक्षा के स्तर पर सवाल खड़े होते हैं।
Published on:
10 Jun 2018 11:53 am
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