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स्कूलों में पढ़ाई जाएगी अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी

दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी अगले वर्ष से प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी। राजधानी भोपाल और वाजपेयी की जन्मस्थली ग्वालियर में स्मृति वन बनाए जाएंगे।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Aug 18, 2018

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दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी अगले वर्ष से प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी। राजधानी भोपाल और वाजपेयी की जन्मस्थली ग्वालियर में स्मृति वन बनाए जाएंगे।

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी अगले वर्ष से प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी। राजधानी भोपाल और वाजपेयी की जन्मस्थली ग्वालियर में स्मृति वन बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्वालियर के गोरखी में जिस स्कूल में श्री वाजपेयी ने छठवीं से आठवीं तक शिक्षा प्राप्त की थी, वहां उनके नाम का गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र बनाया जाएगा। वहां स्मार्ट क्लास के माध्यम से आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। वहीं पहले से प्लेनेटोरियम और म्यूजियम की योजना है। उसमें वाजपेयी की प्रतिमा लगाकर उसे और भी भव्य रूप दिया जाएगा।

शिवराज ने शनिवार की शाम को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए अनेक घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि अटल स्मृति वन में उनकी प्रतिमा लगाई जाएगी और उनके कामों को उकेरा जाएगा। ग्वालियर में रमौआ बांध के पास जगह चिह्नित की गई है और भोपाल में जगह तलाशी जा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि प्रदेश के जिन सात शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर और सतना में स्मार्ट सिटी के काम चल रहे हैं, वहां वाजपेयी के नाम से विश्वस्तरीय लाइब्रेरी बनाई जाएंगी। इनमें उत्कृष्टता केंद्र बनाया जाएगा और बच्चों के लिए बेहतर कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इन्हें शोध और सामाजिक चिंतन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सभी स्थानों पर इन्क्यूबेशन सेंटर बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश के लोगों को स्टार्टअप स्थापित करने के लिए सुविधा मिलेगी।

चौहान ने वाजपेयी के नाम पर तीन राष्ट्रीय पुरस्कार स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उदीयमान कवि, पत्रकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले और सुशासन के क्षेत्र में अधिकारी को प्रतिवर्ष पांच-पांच लाख रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि भोपाल में 600 करोड़ रुपए से बनने वाले ग्लोबल स्किल पार्क का नामकरण वाजपेयी के नाम पर किया जाएगा। यहां उनकी प्रतिमा भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 47-47 करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश के चार स्थानों पर बन रहे श्रमोदय विद्यालयों का नाम भी पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर रखा जाएगा। इसी तरह भोपाल के हबीबगंज रेलवे स्टेशन का नाम भी वाजपेयी के नाम पर करने के लिए वे रेल मंत्री से चर्चा करेंगे।