
Children's Day 2025 (Image: Patrika.com)
Children's Day 2025: भारत में हर साल 14 नवंबर को मनाया जाने बाल दिवस बच्चों के सपनों, उनकी मासूमियत और असीम संभावनाओं का त्योहार है। यह दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मनाया जाता है। जिन्हें बच्चों से अत्यधिक प्रेम के कारण ‘चाचा नेहरू’ कहा जाता है। नेहरू का मानना था कि बच्चे आज नहीं बल्कि आने वाले कल के निर्माता हैं। बच्चों की खुशियां, शिक्षा और विकास ही एक बेहतर भारत की नींव रखते हैं।
2025 का बाल दिवस हमें न सिर्फ बच्चों के प्रति स्नेह और संवेदना की याद दिलाता है बल्कि उन असाधारण भारतीय बाल-प्रतिभाओं को भी सम्मान देने का अवसर देता है जिन्होंने अपनी कम उम्र में ही दुनिया को अपनी बुद्धि, मेहनत और प्रतिभा से चकित करने का काम किया है।
आज हम भारत के 5 ऐसे बच्चों के बारे में बताएंगे जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को चौंकाया है। हालांकि, इनकी संख्या 5 ही नहीं बल्कि बहुत ज्यादा, जिन्हें शायद इस लिस्ट में संभव कर पाना मुमकिन है।
कौटिल्य पंडित का जन्म 24 दिसंबर, 2007 को हरियाणा के करनाल जिले के कोहंड गांव में हुआ था। इन्हें गूगल बॉय के नाम से भी जाना जाता है। बेहद कम उम्र में ही इन्होने भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजनीति-विज्ञान, खगोलशास्त्र आदि विषयों में ज्ञान अर्जित कर लिया था, इनकी स्मरण शक्ति बहुत ज्यादा है। 5 वर्ष की उम्र में ही लोकप्रिय टीवी क्विज शो में भाग लिया और वहीं से पॉपुलर हो गए। बाल प्रतिभा की बात आए और इनका नाम न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है।
चेन्नई के इस शतरंज खिलाड़ी ने बहुत कम उम्र में ही ग्रैंडमास्टर बनने का बड़ा मुकाम हासिल कर लिया था। 2023 में विश्व कप में सिल्वर मेडल जीता और कहा था, ''मुझे विश्व चैम्पियन बनना है।'' इनकी कहानी बताती है कि कैसे बाल अवस्था में ही जुनून और प्रशिक्षण मिलकर असाधारण मुकाम तक पहुंचा सकते हैं।
भारत के सबसे कम उम्र के चेस ग्रैंडमास्टरों में से एक गुकेश ने दिसंबर 2024 में दुनिया के सबसे कम उम्र के विश्व चेस चैम्पियन बनने का नया कीर्तिमान रचा है। जन्म से सिर्फ 18 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की। उनकी यह सफलता भारत में युवा प्रतिभाओं के लिए नए आयाम खोलती है।
केरल के त्रिशूर के निहाल ने 2018 में सिर्फ 14 वर्ष की आयु में ग्रैंडमास्टर की उपाधि ली थी। उन्होंने अंडर-10 व अंडर-12 की विश्व प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया था। निहाल की क्लासिकल (लंबे समय वाले) मुकाबलों में मजबूत पकड़ और खासकर रैपिड व ब्लिट्ज चेस में उनकी बेहतरीन खेल शैली उन्हें बेहद खास बनाती है।
दिव्या देशमुख (जन्म 9 दिसंबर 2005) एक भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर और वर्तमान महिला शतरंज विश्व कप चैंपियन हैं। उन्होंने महिला शतरंज ओलंपियाड में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। 2025 में महिला विश्व कप जीतकर उन्होंने 2026 के महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है।
चिराग फलोर भारत के उन युवा प्रतिभाओं में शामिल हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और वैज्ञानिक जिज्ञासा से कम उम्र में ही बड़ी पहचान बनाई है। पुणे से ताल्लुक रखने वाले चिराग ने 2020 में JEE Advanced में AIR-1 हासिल करके पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
विज्ञान और खगोलशास्त्र में गहरी रुचि रखने वाले चिराग ने कई अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व किया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने दुनिया के प्रतिष्ठित MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) में दाखिला लिया, जहां वे शोध और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। चिराग की कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो मेहनत और लगन से बड़े सपने पूरे करना चाहते हैं।
Updated on:
13 Nov 2025 07:38 pm
Published on:
13 Nov 2025 07:38 pm
