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विद्यार्थियों का झगड़ा सुलझाने के लिए हरियाणा में बनेगा काउंसिल सेल

हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के झगड़े का समाधान करने के लिए विवाद प्रबंधन व परामर्श प्रकोष्ठ स्थापित करने का फैसला लिया है।
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Kamal Singh Rajpoot

Aug 05, 2018

hbse

विद्यार्थियों का झगड़ा सुलझाने के लिए हरियाणा में बनेगा काउंसिल सेल

हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के झगड़े का समाधान करने के लिए विवाद प्रबंधन व परामर्श प्रकोष्ठ स्थापित करने का फैसला लिया है। यह जानकारी शनिवार को एक प्रवक्ता ने दी। इस प्रकोष्ठ के माध्यम से विद्यार्थी, उनके माता-पिता और अध्यापकों को परामर्श प्रदान किया जाएगा। प्रथम चरण में प्रदेश के 13 जिलों फरीदाबाद, पंचकूला, झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, हिसार, फतेहाबाद, कैथल, महेंद्रगढ़, भिवानी, रेवाड़ी, सोनीपत और कुरुक्षेत्र में प्रकोष्ठ स्थापित किए जाएंगे।

प्रवक्ता ने कहा, "विवाद प्रबंधन व परामर्श प्रकोष्ठ स्थापित करने का मकसद विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में समर्थ बनाना है, ताकि वे शैक्षणिक तनाव और खराब प्रदर्शन समेत अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें। इसके अलावा उन्हें विवादों को सुलझाने, अपनी शख्सियत विकसित करने स्वयं जागरुक बनने, तनाव का प्रबंधन करने, सही कॅरियर का चयन करने और आत्मसम्मान विकसित करने में सक्षम बनाना है।"

विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और अध्यापकों को परामर्श देने के लिए परामर्शदाता मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने बताया कि परामर्शदाता मनोवैज्ञानिकों के द्वारा 'मार्गदर्शन अभिलेख' नामक पंजी में परामर्श के लिए आने वाले विद्यार्थियों की संख्या, कक्षा और किस विषय में पराशर्म की जरूरत है, उसका अभिलेख तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा 'परामर्श अभिलेख' की एक अलग पंजी होगी जिसमें परामर्श प्राप्त विद्यार्थियों का विवरण होगा।
प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानाचार्य, विद्यालय के प्रमुख या कर्मचारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से किसी छात्र के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी। "

गणित में अव्वल आने के लिए बैठने का तरीका बदलें
आपको अगर गणित से डर लगता है तो आप सिर्फ अपने बैठने के तरीके में बदलाव कर इसका लाभ ले सकते हैं। एक नए शोध के बाद छात्रों को यह सलाह दी गई है। जर्नल न्यूरो रेगुलेशन में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि 50 फीसदी से ज्यादा प्रतिभागियों ने गणित की परीक्षा में सीधा बैठकर अच्छा अंक हासिल किया, जबकि झुककर बैठने वाले छात्र ज्यादा सवाल हल नहीं कर पाए।