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Education In India: होमवर्क कराने में भारत है नंबर-1, जापान का हाल है सबसे बुरा

दुनिया में शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश नॉर्वे है। नर्सरी से लेकर अंडर-ग्रेजुएट कोर्स तक की पढ़ाई पर हॉन्गकांग, यूएई, सिंगापुर और अमेरिका के लोग सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। वहीं भारत शिक्षा पर सबसे कम खर्च करता है।

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Education In India

Education System In India: शिक्षा पर खर्च के मामले में भारत की स्थिति संतोषजनक नहीं है। एक प्रतिष्ठित अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में खर्च के मामले में भारत का दुनिया के देशों में 136वां स्थान है। कम खर्च और क्वालिटी एजुकेशन में कमी यह हमारे देश के युवाओं के लिए चिंताजनक है।


इंटरनेशल सर्वे के मुताबिक, शिक्षा के खर्च में तो भारत बहुत पीछे है। लेकिन जब बात आती है पढ़ाई पर समय देने की तो उसमें भारत का प्रदर्शन काफी अच्छा है। बच्चों को पढ़ाने और उनका होमवर्क कराने में भारत नंबर-1 पर है। भारतीय अभिभावक (Indian Parents) अन्य देशों के मुकाबले अपने बच्चों के होमवर्क और उनकी पढ़ाई पर अधिक वक्त देते हैं। भारतीय हर हफ्ते में औसतन 12 घंटे का समय बच्चों की पढ़ाई के लिए देते हैं।


दुनिया में शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश नॉर्वे है। नर्सरी से लेकर अंडर-ग्रेजुएट कोर्स तक की पढ़ाई पर हॉन्गकांग, यूएई, सिंगापुर और अमेरिका के लोग सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। वहीं ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और भारत में यह आंकड़ा 25 लाख रुपये से कम है। बच्चों को पढ़ाने और होमवर्क कराने में सबसे कम समय देने वाले देशों में ब्रिटेन और जापान हैं।


2024 के अंतरिम बजट (Interim Budget 2024) में यूजीसी के लिए फंडिंग को पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान 6,409 करोड़ रुपये से घटाकर 2,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 60.99 प्रतिशत की गिरावट है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान के लिए आवंटन में 2024-25 में 37,453.47 करोड़ रुपये से मामूली वृद्धि होकर 37,500 करोड़ रुपये हो गई।