
MBBS Symbol History: दुनिया भर में और भारत में भी बीते कुछ सालों में मेडिकल साइंस ने काफी तरक्की की है। आज दुनिया में कई खतरनाक बीमारियों का इलाज और दवाई दोनों मौजूद है और तो और बड़ी से बड़ी बीमारी का सर्जरी भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेडिकल से जुड़े किसी भी क्षेत्र में जाएंगे तो आपको सांप और लाठी से जुड़ा सिंबल मिलेगा। क्या कभी आपने सोचा कि इस सिंबल का इस्तेमाल क्यों किया जाता है और इसका क्या मतलब है?
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े हर जगह फिर चाहे वो डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन, एंबुलेंस, फार्मास्युटिकल कंपनियों हो या फिर कर्मचारियों की वर्दी, आपको हर जगह एक सिंबल (MBBS Symbol) दिखाई देगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के लोगो में भी ये सिंबल नजर आता है। हेल्थ (Health) की दुनिया के इस तथ्य के बारे में आपको जान लेना चाहिए।
सांप को दुनिया का सबसे खतरनाक और जहरीला जानवर कहा जाता है। कुछ सांप तो ऐसे होते हैं, जिनके कांटने के बाद सही समय पर इलाज न हो तो पीड़ित व्यक्ति के बचने के चांस बिलकुल कम हो जाते हैं। मेडिकल क्षेत्र के लिए यूज होने वाले सिंबल में एक छड़ी पर दो सांप लिपटे हुए होते हैं और ऊपर की तरफ पंख होता है। ग्रीक पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह सिंबल प्राचीन यूनानी देवता एस्क्लेपियस से ली गई है, जो अपोलो का पुत्र था। इस प्रतीक को कैड्यूसियस कहा जाता है। ग्रीक कथाओं के अनुसार, एस्क्लेपियस गंभीर बीमारियों को ठीक कर सकता था और मरे हुए को भी जिंदा कर सकता था। वहीं माना जाता है कि एस्क्लेपियस का सांपों से गहरा संबंध था।
वहीं प्राचीन यूनानियों का मानना है कि सांप के कई उपचार शक्तियां मौजूद हैं। उनके जहर में गंभीर बीमारियों के इलाज की शक्ति होती है। सांप के त्वचा को त्यागने की क्षमता पुनर्जनन, पुनर्जन्म और नवीकरण के कार्य की तरह लगती थी। इसलिए सांप को उपचार का देवता कहा जाता था।
ग्रीक कथाओं के अनुसार, एस्क्लेपियस ने अपनी कुछ उपचार शक्तियां सांपों से सीखी थी। सांप की मदद से उन्होंने सीखा की मरे हुए को कैसे जिंदा किया जाता है। एक कहानी के मुताबिक एस्क्लेपियस ने एक सांप की जान बचाई थी, जिसके बाद सांप ने एस्क्लेपियस के कान में अपने उपचार रहस्य बताए। यूनानियों का भी मानना था कि एस्क्लेपियस में लोगों को घातक सर्पदंश से ठीक करने की क्षमता थी। यहीं से मेडिकल क्षेत्र का ये सिंबल आया।
Updated on:
31 Mar 2026 05:33 pm
Published on:
21 Jul 2024 12:49 pm
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