
Girls Ratio In STEM Education: देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। विज्ञान-प्रौद्योगिकी में पढ़ाई व करियर बनाने के लिए बेटियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के अच्छे नतीजे सामने आ रहे हैं। इससे 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 300 जिलों की 80 हजार से अधिक बेटियों को लाभ हुआ है। यह संख्या हर साल बढ़ रही है। लाभ उठाने में उत्तर प्रदेश की बेटियां देश में टॉप पर है, जबकि राजस्थान चौथे नंबर पर बना हुआ है।
दरअसल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय 2019-20 से मेधावी लड़कियों को स्टीम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्रों में उच्च शिक्षा एवं कॅरियर को आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान ज्योति कार्यक्रम चला रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (स्टीम) में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। पिछले तीन साल के दौरान उत्तर प्रदेश की 5353 बेटियों ने इसका लाभ उठाकर विज्ञान-प्रौद्योगिकी में पढ़ाई व करियर को चुनकर देश के अन्य राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस मामले में राजस्थान चौथे और मध्यप्रदेश पांचवे नंबर पर है। वहीं छत्तीसगढ़ में 3202 बेटियों ने इस योजना को अपनाया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने इस कार्यक्रम में 250 से अधिक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को शामिल किया है। इसमें विश्वविद्यालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, CSIR प्रयोगशालाएं और अन्य प्रतिष्ठित संगठन शामिल हैं। लड़कियों की भागीदारी को बढ़ावा देने के अभियान में यह ज्ञान भागीदार के रूप में कार्य करते हैं।
-पूरे वर्ष गतिविधियां और उनकी मॉनिटरिंग
-व्यावहारिक अनुभवात्मक शिक्षण सत्र
-वैज्ञानिक रोल मॉडल से बातचीत
-अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक प्रयोगशालाओं का दौरा
-कॅरियर मार्गदर्शन कार्यशालाएं
-छात्रा-अभिभावक परामर्श सत्रों से प्रतिभा पूल का विस्तार
2022-23 - 17866
2023-24 - 23642
2024-25- 29443
Updated on:
21 Mar 2025, 11:07 AM IST
Published on:
21 Mar 2025, 11:07 AM IST
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