scriptअरे वाह! देश के इतने बड़े संस्थान ने शुरू किया हिंदी में बीटेक का कोर्स, शिक्षा मंत्री ने कही ये बातें  | IIT Jodhpur has started Btech in hindi, know what education minister says | Patrika News
शिक्षा

अरे वाह! देश के इतने बड़े संस्थान ने शुरू किया हिंदी में बीटेक का कोर्स, शिक्षा मंत्री ने कही ये बातें 

IIT Jodhpur: आईआईटी जोधपुर ने बीटेक प्रथम वर्ष के लिए हिंदी भाषा में पाठ्यक्रम लाने का फैसला किया है। यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उपलब्ध होगा। जानिए इस कोर्स के बारे में

नई दिल्लीJul 09, 2024 / 04:57 pm

Shambhavi Shivani

IIT Jodhpur
IIT Jodhpur: देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान आईआईटी अब हिंदी भाषा में भी अपने पाठ्यक्रम लाने जा रहा है। आईआईटी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के शीर्ष संस्थानों के साथ मिलकर साझी रिसर्च और अन्य पाठ्यक्रम डिजाइन कर रहा है। इसी कड़ी में आईआईटी जोधपुर ने बीटेक प्रथम वर्ष के लिए हिंदी भाषा में पाठ्यक्रम लाने का फैसला किया है। यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी उपलब्ध होगा।


अपनी भाषा में सीख सकेंगे छात्र (IIT Jodhpur)

शिक्षाविदों के मुताबिक भाषाई तौर पर शिक्षा के क्षेत्र में यह एक बड़ी पहल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि आईआईटी जोधपुर (IIT Jodhpur) इस शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से हिंदी और अंग्रेजी दोनों में बीटेक. प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम पेश करेगा। इसका उद्देश्य है कि सभी छात्र उस भाषा में सीख सकें जिसमें वे सबसे अधिक सहज हों। 
यह भी पढ़ें

 नए दिशा-निर्देशों के तहत कोटा के कोचिंग संस्थानों पर होगी ये पाबंदियां, जानिए क्या बदलेगा

नई शिक्षा नीति भी लोकल भाषा को देती है बढ़ावा

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) भी क्षेत्रीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की सिफारिश करती है। आईआईटी जोधपुर की इस पहल पर शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि स्थिरता और गुणवत्ता बनाए रखते हुए दोनों अनुभागों को एक ही प्रशिक्षक पढ़ाएंगे। यह आईआईटी जोधपुर (IIT Jodhpur) में अधिक समावेशी और सहायक शैक्षणिक माहौल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह भी पढ़ें

NCET Exam Pattern: कल देने जा रहे हैं परीक्षा तो जरूर देखें ये खबर, इस तरह का रहेगा एग्जाम पैर्टन 

डिजिटल मानविकी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एंड एप्लिकेशन, क्वांटम सूचना और संगणना रोबोटिक्स और गतिशीलता प्रणाली, स्मार्ट हेल्थकेयर, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक एवं महत्वपूर्ण विषय आईआईटी जोधपुर के पाठ्यक्रमों में शामिल हैं। ऐसे में क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा मिलने पर भविष्य में इन पाठ्यक्रमों को भी छात्रों के व्यापक समूह तक विस्तारित किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें

Indian Army Bharti 2024: सेना ने निकाली युवा अग्निवीर के लिए भर्ती, 10वीं पास भी कर सकते हैं अप्लाई

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कही ये बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी बहुभाषी व भविष्य से जुड़ी शिक्षा पर जोर दिया। मंगलवार को उन्होंने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़ी, भविष्यवादी, बहुभाषी और 21वीं सदी की शिक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्यों और केंद्र दोनों को शिक्षा के क्षेत्र में मजबूती लाने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं को दोहराने और बढ़ाने के लिए एक टीम के रूप में काम करना होगा। उन्होंने यह बात केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में कही।

आईआईटी जोधपुर है काफी विकसित (IIT Jodhpur)

गौरतलब है कि वर्तमान में आईआईटी जोधपुर (IIT Jodhpur) में यूजी, पीजी और पीएचडी कार्यक्रमों में 4,500 से अधिक छात्र हैं। आईआईटी जोधपुर ने एक आईआईटी के तौर पर कई आधुनिक तकनीक और समाधान भी विकसित किए हैं। हाल ही में इस आईआईटी के शोधकर्ताओं ने पौधे-आधारित बायोमास से बने बायो-जेट-ईंधन बनाने का नया तरीका विकसित किया था।
आईआईटी के शोधकर्ताओं ने प्रचुर मात्रा में उपलब्ध लोहा आधारित उत्प्रेरक (एफइ, सिलिका-एल्यूमिना) को विकसित किया है। इसकी सहायता से विभिन्न गैर-खाद्य तेलों और बायोमास वेस्ट का उपयोग करते हुए जेट ईंधन निर्माण प्रक्रिया को लाभदायक बनाने का प्रयास किया है। आईआईटी के मुताबिक यह दशकों से उपयोग हो रहे महंगे हवाई ईंधन का विकल्प विकसित करने में सहायक होगा। यह सस्ते और स्वच्छ ईंधन का एक घटक है जो ऊर्जा के क्षेत्र को बदल सकता है।

Hindi News/ Education News / अरे वाह! देश के इतने बड़े संस्थान ने शुरू किया हिंदी में बीटेक का कोर्स, शिक्षा मंत्री ने कही ये बातें 

ट्रेंडिंग वीडियो