30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Indian Students Abroad: दुनिया के ये देश बन रहे भारतीय छात्रों के नए ठिकाने, पुराने परंपरागत केंद्रों से हो रहा मोहभंग

Indian Students: फरवरी 2025 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मामले में भारत ने पहली बार चीन को पीछे छोड़ दिया। नए आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान छात्र वीजा अनुमोदन प्राप्त करने वाले देशों की सूची में भारत सबसे आगे रहा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 1 Apr 2025, 9:52 AM IST

Indian Students Abroad

Indian Students Abroad

Indian Students Abroad: अमरीका, कनाडा और ब्रिटेन में प्रवासी विरोधी नीतियों का असर अब यहां पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या पर भी दिखने लगा है। इन देशों में बदलती हुई वीजा नीतियों का नतीजा है कि पिछले साल विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में लगभग 15% की गिरावट आई है, जिसमें सबसे बड़ी गिरावट कनाडा में देखी गई है, जहां भारतीय छात्रों के नामांकन में 41% की भारी गिरावट आई है। संसद में हाल में पेश किए गए आंकड़ों से पता चलता कि 2024 में 759,064 भारतीय छात्र शिक्षा के लिए विदेश गए, जबकि 2023 में 892,989 और 2022 में यह संख्या 750,365 (कोविड महामारी के दौरान) थी।

यह खबर भी पढ़ें:- BCA के बाद ये कोर्स करना होगा बेस्ट, लाखों में मिलती है सैलरी

Indian Students Abroad: ये देश निकल रहे आगे


दूसरी ओर, शीर्ष चार देशों (अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया) में नामांकन में समग्र गिरावट के बीच जर्मनी, रूस, फ्रांस, आयरलैंड और न्यूजीलैंड में भारतीय छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। शिक्षाविदों का आकलन है कि अब भारतीय छात्र पारंपरिक शिक्षा गंतव्यों से आगे बढ़ रहे हैं। देशों की बदलती वीजा नीतियां, पढ़ाई के दौरान और बाद में इसके खर्च और नौकरी के अवसर उनके अध्ययन चुनावों को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि भारत के 72 फीसदी छात्र अब भी कनाडा, अमरीका और ब्रिटेन ही अध्ययन लिए जा रहे हैं और ये तीनों देश अब भी शीर्ष तीन देश बने हुए हैं।

यह खबर भी पढ़ें:-Railway Recruitment 2025: भारतीय रेलवे में साथ काम करने का मौका, हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती, जानें डिटेल्स

Indian Students: भारतीय छात्रों ने चीन को छोड़ा पीछे


उधर, फरवरी 2025 में ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा मामले में भारत ने पहली बार चीन को पीछे छोड़ दिया। नए आंकड़ों से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान छात्र वीजा अनुमोदन प्राप्त करने वाले देशों की सूची में भारत सबसे आगे रहा। इस अवधि में 2,734 से अधिक भारतीय छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में अध्ययन वीजा जारी किया गया, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 2,398 था। जबकि चीन को कुल 3,573 वीजा जारी किए गए। इस वर्ष अब तक ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय छात्रों को 5,000 से अधिक वीजा जारी किए हैं। सितंबर 2023 तक, ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों में लगभग 122,391 भारतीय छात्र नामांकित थे, और ऑस्ट्रेलिया में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों के मामले में भारत चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार और विश्वविद्यालयों ने हाल ही में भारतीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें छात्रवृत्ति, छात्र विनिमय कार्यक्रम शामिल हैं।

यह खबर भी पढ़ें:-NMRC: बिना लिखित परीक्षा के नोएडा मेट्रो में नौकरी पाने का मौका, लाखों में मिलेगी सैलरी

भारतीय छात्रों की संख्या में परिवर्तन (2023-2024)

देश20232024कमी (%)
कनाडा233,532137,608-41%
अमरीका234,473204,058-13%
ब्रिटेन136,90098,900-28%
ऑस्ट्रेलिया78,09368,572-12%

जिन देशों की ओर भारतीय छात्रों ने रुख (2022-2024)

देश20222024वृद्धि (%)
जर्मनी20,68434,70268%
रूस19,78431,44459%
फ्रांस6,4068,53633%
न्यूजीलैंड1,6057,297354%
आयरलैंड4,7017,03649%

यह खबर भी पढ़ें:-CBSE: सीबीएसई ने जारी किया पैरेंटिंग कैलेंडर, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद स्थापित करना मकसद

बड़ी खबरें

View All

शिक्षा