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Fake News: बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा है जरूरी! इस तरह दी जाएगी Fake News से बचने की ट्रेनिंग 

Fake News: केरल सरकार ने पांचवी और सातवीं कक्षा के आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) किताबों में ‘फेक न्यूज डिटेक्शन’ यानी झूठी खबरों की पहचान संबंधित मोड्यूल जारी किए हैं।

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Fake News


Fake News:
आज के दौर में डिजिटल शिक्षा तेजी से उभर रहा है। हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं। बच्चों के हाथ में डिजिटल उपकरण तो होते हैं लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि इसे कैसे हैंडल करना है। डिजिटल युग की ऐसी ही बड़ी समस्या है ‘फेक न्यूज’। इससे निपटने के लिए केरल सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है। यहां की राज्य सरकार ने पांचवी और सातवीं कक्षा के आईसीटी (सूचना और संचार प्रौद्योगिकी) किताबों में ‘फेक न्यूज डिटेक्शन’ यानी झूठी खबरों की पहचान संबंधित मोड्यूल जारी किए हैं। सरकार की इस पहल से बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जरूरी कौशल सीखने में मदद मिलेगी।

सच की पहचान करना सीखेंगे बच्चे (How To Identify Fake News)

नए पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को न केवल फेक न्यूज से डील करना सीखाया जाएगा बल्कि उन्हें ये भी बताया जाएगा कि खबरों की सत्यता की जांच कैसे करें। पांचवीं कक्षा की आईसीटी किताब में ‘लेट्स सर्च द इंटरनेट’ नाम का एक चैप्टर है जिसमें स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट के बारे में भी बताया गया है। वहीं सातवीं कक्षा की किताब में  ‘लेट्स सर्च एंड फाइंड’ अध्याय में जानकारी को सत्यापित करने के महत्व पर जोर दिया गया है। साथ ही झूठी जानकारी फैलाने के कानूनी परिणामों के बारे में बताया गया है। केरल द्वारा यह कदम प्राइमेरी करिकुलम में संशोधन करने की योजना के तहत उठाया गया है। 

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अगले साल इन कक्षाओं में जारी होंगे ये माड्यूल (Kerala School)

केरल की यह योजना अगले साल से छठी, आठवीं, नौवीं और दसवीं कक्षा की आईसीटी किताबों में भी लागू होंगे। इसके साथ ही छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बेसिक बातें भी सीखाई जाएंगी। इस तरह केरल स्कूली (Kerala School) स्तर की शिक्षा में AI शामिल करने वाला भारत का पहला राज्य बन जाएगा।

केरल में पहले भी हो चुके हैं इस तरह के प्रयास (Kerala School)

केरल सरकार का ये नया पहल पूर्व की डिजिटल मीडिया साक्षरता (Media Literacy) पर आधारित है। केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने 5वीं और 10वीं कक्षा के 19.72 लाख छात्रों को फेक न्यूज से बचाव के लिए ट्रेनिंग दी थी। यह भारत में इस तरह का पहला प्रशिक्षण था। KITE के CEO अनवर सदाथ ने कहा कि नई ICT किताबों में ऐसे चैप्टर शामिल हैं, जिससे बच्चों को खबरों की सत्यता की जांच करने में मदद मिलेगी। ऐसे में वे फेक खबरों से बचेंगे।

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