
Orphan Reservation
Orphan Reservation : महाराष्ट्र सरकार ने अनाथ बच्चों को शिक्षा और सरकारी नौकरी में 1 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। समानांतर शिक्षा कहे जा रहे इस आरक्षण के लिए अलग से कोई श्रेणी नहीं बनाई जाएगी बल्कि इसे सामान्य श्रेणी के कोटे से ही समायोजित किया जायेगा। इससे आरक्षण की सीमा का सवाल भी ताल गया है। फैसले से अनाथ बच्चों को मदद मिलेगी, क्योंकि अभी तक उन्हें अपनी जाति के बारे में जानकारी न होने की वजह से किसी भी प्रकार का लाभ नहीं मिल पता था। महाराष्ट्र के सरकारी अनाथालयों में करीब 3900 अनाथ हैं।
पत्र पढ़ने के बाद आई सुध
हालिया महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने के बावजूद एक महिला नौकरी से वंचित रह गई थी। Orphan Reservation क्योंकि वह सामान्य कटऑफ से बाहर थी। आरक्षित श्रेणी में वह शामिल हो सकती थी लेकिन अनाथ होने की वजह से उसके पास कोई जाती प्रमाण पत्र नहीं था। इस पर उसने सीएम को पत्र लिखा था।
Orphan Reservation
महाराष्ट्र सरकार की भांति अगर सभी राज्यों और केन्द्र में भी यह नियम बन जाये तो कुछ हद तक बेहतर होगा। जिनके पास प्रमाण पात्र और खुद की जानकारी नहीं है उन्हें आरक्षण में शामिल किया जाना सरकार का फैसला अहम् है। सरकारी नौकरियों में आरक्षण मिलना ऐसे लोगों के लिए वरदान साबित होगा जिन्हे घरवालों ने अपनाया नहीं और कहीं छोड़ गए। सामान्य श्रेणी में रहने के कारण बहुत से काबिल और गरीबी के मारे खुद को कोसते रहते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण का लाभ मिलेगा तो अनाथ लड़के और लड़कियां उच्च शिक्षा भी ले सकेंगी।
Published on:
20 Jan 2018 09:35 am
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
