
NSD Varanasi
एक्टर बनने की ख्वाहिश शायद हमारे यहां हर किसी की होती है, आखिर यह फील्ड है ही इतना ग्लैमरस। एक्टिंग की दुनिया की चमक-दमक हर किसी को अपनी ओर खींचती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पर्दे पर या थियेटर में जो भी देखते हैं, उसके पीछे कड़ी मेहनत छिपी हुई होती है। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) ने देश को बड़े-बड़े एक्टर दिए हैं। यदि आप भी उन्हीं की तरह एक्टिंग के फील्ड में उतरने की अपनी ख्वाहिश पूरा करना चाहते हैं तो एनएसडी के वाराणसी केंद्र की ओर से भारतीय शास्त्रीय नाट्य कला में सत्र 2018-19 में एक वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पाठ्यक्रम में कुल 20 सीटें ही हैं और पढ़ाई का माध्यम हिंदी या अंग्रेजी होगा। प्रवेश साक्षात्कार के जरिए होगा। कुछ चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।
ऐसे करना है आवेदन
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए जरूरी है। इसके अलावा मातृभाषा में प्रवीणता और हिंदी और अंग्रेजी का कामकाजी ज्ञान होना जरूरी है। वहीं कम से कम 4 नाटक में भागीदारी के साथ रंगमंच का पर्याप्त ज्ञान भी अनिवार्य है। आयु एक जून, 2018 को न्यूनतम 18 और अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। प्रॉस्पेक्टस और आवेदन पत्र कार्यालय या वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। फॉर्म एनएसडी की वेबसाइट 222. ठ्ठह्यस्र.द्दश1.द्बठ्ठ से भी डाउनलोड किया जा सकता है लेकिन इसे 150 रुपए के डिमांड ड्राफ्ट के साथ जमा किया जाना चाहए। डिमांड ड्राफ्ट नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा, कैंप ऑफिस, नई दिल्ली में पक्ष में तैयार करना होगा। आवेदक किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक से 150 रुपए का ड्राफ्ट भेज सकते हैं।
याद रखें ये बातें
आवेदन फॉर्म एनएसडी की वेबसाइट www. NSD .gov.in पर 2 जुलाई से उपलब्ध हैं। ये एनएसडी, किताब घर, नई दिल्ली से भी सुबह 10 से शाम 5 बजे तक प्राप्त किए जा सकते हैं।
एनएसडी के छात्रों को प्रशिक्षण के लिए किसी भी अन्य संस्थान में प्रवेश लेने की अनुमति कतई नहीं हैं।
पाठ्यक्रम के दौरान वे किसी भी तरह के रोजगार की तलाश नहीं कर सकते और न ही शौकिया या पेशेवर मंच, रेडियो, टेलीविजन या फिल्म में काम कर सकते हैं।
चयनित उम्मीदवारों को रहने और खाने की व्यवस्था खुद करनी होगी।
कोर्स के दौरान, रामलीला, रासलीला, नौटंकी, भवाई, दशावतार, तमाशा, खयाल, कथकली, सुमंग लीला, अंकिया नाट आदि फोक थिएटर ट्रेडीशंस के बारे में जानकारी दी जाएगी।
उपस्थिति नियम
पा ठ्यक्रम में प्रवेश के बाद परीक्षा में पास होने के लिए कम से 90 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। स्टूडेंट्स को विभिन्न समूहों के लिए कक्षाओं में कम से कम 75 फीसदी की न्यूनतम उपस्थिति को बनाए रखना होगा यानी अभिनय, प्रॉडक्शन, साहित्य, मंच पर, अभ्यासों, व्याख्यानों तथा रिहर्सल इत्यादि। कक्षाओं में तीन दिन अनुपस्थिति को एक पूर्ण अनुपस्थिति माना जाएगा। आवश्यक स्तर पर उपस्थिति संबंधी योग्यता पूरी न करने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित नहीं होने दिया जाएगा और वे पाठ्यक्रम जारी रखने के अधिकारी नहीं रहेंगे।
जब करें आवेदन
आ वेदन करते समय लिखित आवेदन, 12वीं कक्षा का प्रमाण पत्र, स्नातक अंक तालिका और डिग्री, एड्रेस प्रूफ, हाल में खीचीं गई दो पासपोर्ट साइज फोटो और अनुभव प्रमाण पत्र को आवेदन के साथ भेजना होगा। साक्षात्कार के समय आवेदकों को मूल दस्तावेज और प्रमाण पत्र अपने साथ लाना जरूरी होगा। इनके बिना एडमिशन नहीं हो सकेगा।
ये रहेेंगे विषय
पाठ्यक्रम के दौरान विश्व और भारतीय शाीय रंगमंचों का परिचय दिया जाएगा। इससे विद्यार्थी नाट्यकला से विस्तृत रूप से रूबरू हो सकेगें। इसके अलावा नाट्यशास्त्र, नवरस, कालिदास के विभिन्न नाटकों का अध्ययन, शास्त्रीय रंग-संगीत के बारे में सिखाया जाएगा। विभिन्न निर्देशक नाटक का मंचन भी सिखाएंगे। लाइट और साउंड के बारे में जानकारी दी जाएगी।
अन्य जानकारियां
फी स देय और जमा इस प्रकार रहेगी। प्रवेश शुल्क 150 रुपए होगा। ट्यूशन फीस 150 रुपए प्रति माह होगी। इसके अलावा कॉशन मनी और लाइब्रेरी फीस 5000 रुपए होगी। कॉशन मनी बाद में सारे खर्चे काटकर वापस कर दी जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को 4500 रुपए प्रति माह राशि की छात्रवृत्ति के रूप में मिलेगी। इनका चयन बाद में एक सलेक्शन कमेटी करेगी। चयनित उम्मीदवारों का बीमा होगी, जिसके प्रीमियम का भुगतान उन्हें करना होगा। कक्षाएं आमतौर पर सुबह 7.30 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होंगी। रिहर्सल आदि चीजें बाद तक जारी रह सकती हैं। पूरे अकादमिक सत्र में केवल 30 दिन का अवकाश मिलेगा। लोक कलाओं को सीखने के लिए 20 दिन का स्टडी टूर भी होगा, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में भ्रमण कराया जाएगा।
Published on:
09 Jul 2018 10:29 am
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