
paper leak in Rajasthan
राजस्थान के डुंगरपुर शहर के एक सरकारी स्कूल से सोमवार को नवीं कक्षा की परीक्षाओं के लिफाफों से पेपर चोरी होने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीइओ), माध्यमिक अनोप सिंह ने बताया कि डुंगरगपुर के गोकुलपुरा माध्यमिक सरकारी स्कूल में आज (सोमवार) नवीं कक्षा का गणित की परीक्षा के लिए दराज खोली गई तो उसमें गणित के साथ ही अन्य विषयों के प्रश्नपत्र के लिफाफे कटे छंटे मिले तथा उनमें से एक दो पेपर गायब भी मिले। उन्होंने बताया कि चूंकि आज (सोमवार) परीक्षा का समय हो चुका था अत: गणित की परीक्षा तो हुई, लेकिन प्रशासन ने बाद में इस परीक्षा को निरस्त कर आगामी तिथियों में कराने का निणर्य लिया है।
उन्होंने कहा कि जिले में 13 अप्रेल को हुए अंग्रेजी की परीक्षा को छोड़कर अन्य सभी विषयों की परीक्षाएं अब दोबारा प्रश्नपत्र तैयार करने के बाद में होगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने पेपर चोरी होने के मद्देनजर नवीं कक्षा की मंगलवार को होने वाली परीक्षा को भी निरस्त कर दिया है। अब नवीं कक्षा के सभी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पुन: तैयार किए जाएंगे और 19 अप्रेल से 27 अप्रेल तक परीक्षा कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पेपर चोरी होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। सिंह ने बताया कि नवीं कक्षा का पेपर पूर्व में 13 से 25 अप्रेेल तक होने थे, लेकिन राज्य सरकार की ओर से 18 को परशुराम जयंती तथा 21 अप्रेल को नवोदय के कारण अवकाश घोषित करने के कारण 26 अप्रेल तक परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन आज गणित के प्रश्नपत्र के चोरी होने के कारण शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी को छोड़कर शेष सभी विषयों की परीक्षाएं नए प्रश्नपत्रों के साथ 27 अप्रेल तक पूरी कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। डेढ़ वर्ष तक चलने वाले इस कार्यक्रम के लिए 15 लाख स्कूली शिक्षकों ने अपना पंजीकरण करवाया है जिनमें सबसे अधिक ढाई लाख शिक्षक बिहार के हैं। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्स की शुरुआत मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने की।
जावड़ेकर ने पत्रकारों को बताया कि मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत गत छह वर्ष में केवल चार लाख शिक्षकों का ही प्रशिक्षण हो पाया था क्योंकि राज्यों में पर्याप्त बी.एड के कॉलेज और सुविधाएं नहीं थी। मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि 15 लाख शिक्षकों ने अभी तक प्रशिक्षण ही नहीं लिया है तो आरटीई में संशोधन किया गया कि 2019 तक शेष शिक्षकों का प्रशिक्षण हो जाए। सभी राज्यों और अधिकारियों से बात कर यह संशोधन किया गया और शिक्षकों को अंतिम मौका दिया गया कि वे घर बैठे ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर लें। वर्ष 2019 के बाद समय नहीं बढ़ाया जाएगा।
Published on:
16 Apr 2018 03:20 pm
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