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यूनिवर्सिटी स्टुडेंट्स के लिए सड़क सुरक्षा अभियान शुरू

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा का लक्ष्य हासिल करने के लिए युवा चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और उन्हें जागरुक बनाने के वास्ते सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण अभियान चलाएगा और पांच साल के दौरान पांच सौ विश्वविद्यालयों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

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Road Safety

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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा का लक्ष्य हासिल करने के लिए युवा चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और उन्हें जागरुक बनाने के वास्ते सरकारी निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण अभियान चलाएगा और पांच साल के दौरान पांच सौ विश्वविद्यालयों को इसके दायरे में लाया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री मनसुख लाल मांडविया ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सड़क दुर्घटनओं में युवाओं की मृत्यु की घटनाएं लगातार बढ रही हैं और यह चिंताजनक है, इसलिए मंत्रालय सुड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने को महत्व दे रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य 2022 तक देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 50 प्रतिशत तक कमी लाना है और इसके लिए सबसे ज्यादा युवाओं को जागरुक बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार, गलत तरीके से गाड़ी चलाने और हेलमेट नहीं पहनने जैसे सुरक्षा मापदंडों का ध्यान नहीं रखने के कारण युवा सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं। इस संकट को रोकने के लिए सबसे पहले युवाओं को जिम्मेदार तथा जागरुक बनाना है और इसके लिए लर्नर लाइसेंस के लिए आवेदन करने और विश्वविद्यालयों में पढऩे वाले छात्रों के लिए विश्विविद्यालयों में औपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। अभियान के तहत अगले तीन से पांच साल के बीच 500 विश्वविद्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन करने वाले युवा चालकों के लिए विश्विवद्यालय स्तर पर औपचारिक प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा और इसके तहत पहले साल में 50 विश्वविद्यालयों को इसके दायरे में लाया जाएगा।