
Venkaiah Naidu
उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू ने कहा है कि देश के सभी स्कूली पाठ्यक्रमों में 50 प्रतिशत तक कटौती की जानी चाहिए तथा छात्र-छात्राओं को अपनी कक्षाओं में 50 प्रतिशत और शेष 50 प्रतिशत खेल के मैदानों में सीखना चाहिए। नायडू ने बुधवार को भारतीय विद्या भवन के स्टुडेंट्स से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय विद्या भवन ने वर्ष 1938 में अपनी स्थापना से लेकर अब तक देश के शैक्षिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि युवा छात्रों को जल्द ही विकास की दिशा में भारत की यात्रा का नेतृत्व करने के लिए आगे आना होगा।
उपराष्ट्रपति ने स्टुडेंट्स से कहा, आपको खुद को इसके लिए तैयार रखना चाहिए, आज से ही अपने आपको सुसज्जित करें, तभी आप आवश्यकता पडऩे पर तेजी से बढ़ते भारत के नेताओं के रूप में स्थापित होने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने आगे कहा कि किताबों से सीखना महत्वपूर्ण है, लेकिन अवधारणा को समझना और उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में जानना अधिक महत्वपूर्ण है। व्यावहारिक और तथ्यात्मक ज्ञान विकसित करने के लिए चीजों को करके सीखना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने युवा स्टुडेंट्स से कहा कि वे अपने प्राप्तांकों को किसी भी रूप में खुद को परिभाषित करने अथवा प्रतिबंधित करने का मौका न दें। उन्होंने कहा कि हमारे युवा अपने रिपोर्ट कार्ड पर अंकित अंकों से आगे भी बहुत कुछ हैं। इस अवसर पर तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री मोहम्मद महमूद अली और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
Published on:
25 Oct 2018 01:54 pm
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