
Tribal hostel बालोद जिले में आदिवासी छात्रावास बनाए गए हैं, लेकिन आज तक आरक्षित सीटों की स्थिति जस की तस है। छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की संख्या आरक्षित सीट से दोगुनी हो गई है।
कई छात्रावास में इस तरह की स्थिति है। छात्रावासों में व्यवस्था सुधारने एवं सीटों की संख्या बढ़ाने कोई प्रयास नहीं किए गए। सीट बढ़ी तो छात्रावास को भी नया बनाना पड़ेगा। वर्तमान में सीट संख्या बढ़ाने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ता नीलिमा श्याम ने जिले के तीनों विधायकों से मांग की है कि सीटों की संख्या में वृद्धि व पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
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जिले में 13 से भी ज्यादा आदिवासी छात्रावास हैं, जिसमें दूरदराज के आदिवासी छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे कई और भी प्रतिभावान विद्यार्थी हैं, जो छात्रावास में सीट नहीं होने के करण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नीलिमा श्याम ने विधायक कुंवर सिंह निषाद से मुलाकात कर आदिवासी छात्रावास की सीटों की समस्या पर चर्चा की। 50 से 60 साल के बावजूद स्वीकृत सीट 20 से 40 है, जो जनसंख्या के हिसाब से बढ़ जानी चाहिए थी। मामले को विधानसभा में रखने के साथ 100 सीट तक वृद्धि की जाए।
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प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास डौंडी में बेड व कमरे कम पड़ रहे हैं। यहां 93 विद्यार्थी है, जबकि यहां सीट मात्र 50 है। इसके लिए नवीन भवन बनाने की मांग की। विधायक ने आश्वासन दिया कि आने वाले शीतकालीन बजट सत्र में विधानसभा में मामले को रखेंगे। विधायक से विनीत साहू, दीपक सहारे ने भी मुलाकात की।
स्वीकृति वर्ष - 2007-08
स्वीकृति सीट - 50
प्रवेशित सीट - 105
स्वीकृति वर्ष - 1990-91
स्वीकृति सीट - 50
प्रवेशित सीट - 76
स्वीकृति वर्ष - 1994-95
स्वीकृति सीट - 50
प्रवेशित सीट - 93
स्वीकृति वर्ष - 1994-95
स्वीकृति सीट - 30
प्रवेशित सीट - 70
स्वीकृति वर्ष - 1995-66
स्वीकृति सीट - 40,
प्रवेशित सीट - 49
स्वीकृति वर्ष - 1983-84
स्वीकृति सीट - 40
प्रवेशित सीट- 60
स्वीकृति वर्ष - 1980-81
स्वीकृति सीट - 20
प्रवेशित सीट - 28
संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा, डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेंडिया व गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने आश्वासन दिया है कि छात्रावासों में सीट बढ़ाने प्रयास करेंगे। शीतकालीन बजट सत्र में मामले को विधानसभा रखेंगे।
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Published on:
08 Sept 2024 11:47 pm
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