
St Xaviers college
मुंबई के सुप्रसिद्ध सेंट जेवियर्स कॉलेज को उसका पहला नॉन-क्रिश्चन प्रिंसीपल मिल गया है। इंस्टीट्यूट के १५० साल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कॉलेज में किसी नॉन क्रिश्चन को प्रिंसीपल का पद सौंपा गया है। राजेंद्र शिंदे १ सितंबर से बतौर प्रिंसीपल कार्यभार संभालेंगे। फिलहाल कॉलेज के बॉटनी डिपार्टमेंट को हैड कर रहे शंदे डॉ. बैपटिस्ट एंजल मेनीज को रीप्लेस करेंगे।
शिंदे ने इस अवसर पर कहा मैं बहुत खुश हूं। मैनेजमेंट अब ओपन हो रहा है। यह शायद मैनेजमेंट की पॉलिसी का ही परिणाम है कि मुझे क्रिश्चन न होने के बावजूद प्रिंसीपल नियुक्त किया गया है। शायद मैनेजमेंट ऐसा करके मासेस तक पहुंचना चाहता है। जब शिंदे से उनकी प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ साफ कहा कि वे कॉलेज में ऑफर किए जाने वाले कोर्सेस में बढ़ोतरी करेंगे।
शिंदे ने कहा कि हमें इसके लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। हमें हमारे पोस्ट ग्रेजुएशन और रिसर्च प्रोग्राम का विस्तार करना होगा और अन्य कॉलेजिस में अपनी रैंकिंग का सुधार करने के लिए काम करना होगा। शिंदे सेंट जेवियर्स को नई ऊंचाईयों पर ले जाना चाहते हैं। आपको बता दें कि शिंदे पिछले करीब साढ़े तीन दशक से कॉलेज से जुड़े हुए हैं। अब तक जेवियर्स कॉलेज में २३ प्रिंसीपल रहे हैं, जिनमें से २२ ज्युइस्ट प्रीस्ट थे। कॉलेज के ही एक टीचर ने बताया कि शिंदे इस पोस्ट के लिए क्वालीफाइड हैं और उनका चयन पूरी तरह से मेरिट पर आधारित है। उनके पास एडमिनिस्ट्रेशन का एक्सपीरिएंस भी है। उधर कॉलेज के एल्युमिनाएज ने सोशल मीडिया के जरिए कॉलेज के इस बदलाव का स्वागत किया है । उनका भी कहना है कि अब वक्त क्रिश्चन और नॉन क्रिश्चन से आगे बढऩे का आ गया है और सेंट जेवियर्स एक जिम्मेदार इंस्टीट्यूट है। राजेंद्र शिंदे १ सितंबर से बतौर प्रिंसीपल कार्यभार संभालेंगे।
Updated on:
26 Jul 2018 03:03 pm
Published on:
26 Jul 2018 11:26 am
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