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Success Story: नन से Medical Officer बनने की कहानी, कौन हैं इतिहास रचने वाली जीन रोज? जानिए

First Catholic Nun Becomes Medical Officer in Kerala: जहां एक तरफ भारत में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक के तौर पर काम करने वाली कैथोलिक नन दुर्लभ ही मिलती हैं। वहीं दूसरी ओर जीन रोज जैसी महिलाएं भी हैं। जीन रोज केरल में ‘सिस्टर्स ऑफ द डेस्टिट्यूट’ की सदस्य हैं और असप्ताल में मेडिकल ऑफिसर बनने वाली पहली नन बन गई हैं। आइए, जानते हैं वे कितनी पढ़ी लिखी हैं

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Success Story of Kerala Catholic Nun becomes medical officer

Success Story Of First Catholic Nun Becomes Medical Officer in Kerala: जहां एक तरफ भारत में सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक के तौर पर काम करने वाली कैथोलिक नन दुर्लभ ही मिलती हैं। वहीं दूसरी ओर जीन रोज जैसी महिलाएं भी हैं। जीन रोज केरल में ‘सिस्टर्स ऑफ द डेस्टिट्यूट’ की सदस्य हैं और असप्ताल में मेडिकल ऑफिसर बनने वाली पहली नन बन गई हैं।

पहली महिला नन बनीं मेडिकल ऑफिसर (Success Story Of Dr Rose)

मिली जानकारी के अनुसार, रोज पहले पहाड़ी जिले इडुक्की में सरकारी सेवा में शामिल हुईं और वर्तमान में मरयूर के पारिवारिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। भारत में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी कैथोलिक नन को मेडिकल ऑफिसर बनाया गया है।

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कौन हैं जीन रोज? 

जीन रोज को रोसम्मा थॉमस के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने सेंट जॉन्स मेडिकल कॉलेज, बेंगलुरु से MBBS और एनेस्थीसिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। मेडिकल के क्षेत्र में डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने चिकित्सा सेवा के लिए केरल पीएससी परीक्षा दी थी। परीक्षा पास करने के बाद उन्हें वर्ष 2023 में कट्टप्पना तालुक अस्पताल में अपनी पहली सरकारी नौकरी मिली थी। बाद में उन्होंने मरयूर पारिवारिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना स्थानांतरण करा लिया।

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आदिवासी और गरीबों के लिए करती हैं काम 

जीन रोज हमेशा से ही धार्मिक कामों में दिलचस्पी रखती आई हैं। मरयूर एक सुदूर गांव है, जहां कई आदिवासी समुदाय रहते हैं। रोज ने गरीब और आदिवासियों की मदद के लिए अपना स्थानांतरण यहां कराया। उन्होंने मीडिया को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि वे बेसहारा लोगों के लिए काम करने वाले समुदाय का हिस्सा होने के नाते गरीबों और वंचितों की सेवा करना पसंद करती हैं।