
The Institute of Company Secretaries of India
शहीदों के प्रति सम्मान भाव को प्रकट करने के लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया खास पहल करने जा रहा है। इंस्टीट्यूट ने हाल ही हुई सेंट्रल काउसिंल की मीटिंग में यह फैसला लिया है कि अब भारतीय सेना की तीनों विंग्स और अन्य सैनिक बलों के परिवार की मदद के लिए शहीद परिवारों के बच्चों की एग्जाम फीस और रजिस्ट्रेशन नहीं लिया जाएगा। सेंट्रल काउंसिल ने यह फैसला अपनी ट्रेनिंग एजुकेशन फेसिलिटी कमेटी के अंतर्गत लिया है। जयपुर चैप्टर चेयरमैन राहुल शर्मा ने बताया कि कमेटी ने हाल ही लिए फैसले में यह प्रस्ताव इंस्टीट्यूट के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट आशीष गर्ग ने रखा था, जिसे कमेटी में सर्वसम्मति से पास किया गया है। इसके अलावा यदि कोई सैनिक स्थाई रूप से हैंडीकैप हो जाता है, तो इंस्टीट्यूट उनके बच्चों से भी एग्जाम और रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लेगा।
50 प्रतिशत तक छूट
दूसरी ओर कमेटी की ओर से रिटायर्ड सैनिकों को भी रियायत देने का फैसला किया गया है। इंस्टीट्यूट ने इसके तहत रिटायर्ड सैनिक परिवारों के बच्चों को एग्जाम और रजिस्ट्रेशन फीस में 50 परसेंट की छूट देने की बात कही है।
पहले भी की थी पहल
उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र में शहीदों के वेलफेयर के लिए इंस्टीट्यूट ने एक पहल 'शहीद की बेटी' शुरू की थी। गल्र्स एजुकेशन को प्रमोट करने के लिए शुरू की गई इस पहल में इंस्टीट्यूट ने मोमेंटो बजट को शहीदों की बेटियों के एजुकेशन में खर्च करने का फैसला किया था।
Updated on:
09 Apr 2019 11:28 am
Published on:
09 Apr 2019 11:28 am
