
Top Cities for Entry-Level Salaries in India (Image: Gemini)
Top Cities for Entry-Level Salaries in India: देश के पारंपरिक मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु को पीछे छोड़ते हुए अब हैदराबाद, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहर तेजी से नई सैलरी ग्रोथ के केंद्र बनकर उभर रहे हैं। यह जानकारी इंडीड (Indeed) की नई रिपोर्ट PayMap Survey 2025 में सामने आई है।
इस सर्वे में बताया गया है कि अब करियर और सैलरी ग्रोथ सिर्फ बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है। नए उभरते शहरों में भी पेशेवरों को बेहतर सैलरी और करियर ग्रोथ के अवसर मिल रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, चेन्नई फ्रेशर्स के लिए सबसे ज्यादा औसत सैलरी देने वाला शहर बन गया है, जहां 0 से 2 साल अनुभव वाले युवाओं को 30,100 रुपये प्रति माह तक मिल रहे हैं। वहीं, हैदराबाद उन पेशेवरों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है जिनके पास 5 से 8 साल का अनुभव है। यहां मिड और सीनियर लेवल पर औसत सैलरी 69,700 रुपये प्रति माह तक पहुंच चुकी है।
सर्वे के अनुसार, 69% कर्मचारियों का मानना है कि उनकी आय उनके शहर की जीवन-यापन लागत (Cost of Living) के मुकाबले कम है। यह समस्या विशेष रूप से दिल्ली (96%), मुंबई (95%), पुणे (94%), और बेंगलुरु (93%) जैसे महंगे शहरों में ज्यादा महसूस की जा रही है। दूसरी ओर चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और कोलकाता जैसे शहरों को कर्मचारी अधिक किफायती और संतुलित मानते हैं।
| शहर (City) | 0-2 साल | 2-5 साल | 5-8 साल |
|---|---|---|---|
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | Rs. 27,300 | Rs. 46,200 | Rs. 69,000 |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | Rs. 28,400 | Rs. 46,000 | Rs. 67,100 |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | Rs. 26,300 | Rs. 45,500 | Rs. 68,400 |
| चेन्नई (Chennai) | Rs. 30,100 | Rs. 46,600 | Rs. 66,400 |
| दिल्ली (Delhi) | Rs. 26,300 | Rs. 43,600 | Rs. 64,400 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | Rs. 28,500 | Rs. 47,200 | Rs. 69,700 |
सिर्फ महंगाई ही नहीं, बल्कि अब कर्मचारी स्थानांतरण (Relocation) से भी बचना चाहते हैं। करीब 69% कर्मचारी अब शहर बदलने से बचते हैं क्योंकि इसके साथ आर्थिक, भावनात्मक और व्यावहारिक चुनौतियां जुड़ी होती हैं।
सैलरी ग्रोथ के मामले में IT/ITeS सेक्टर सबसे आगे है। यहां डिजिटल और AI-बेस्ड नौकरियों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और टेलीकॉम सेक्टर भी फ्रेशर्स से लेकर सीनियर लेवल तक बेहतर सैलरी दे रहे हैं।
फ्रेशर्स की औसत सैलरी 25,000 रुपये से 30,500 रुपये के बीच है।
5 से 8 साल का अनुभव रखने वाले पेशेवरों की सैलरी 67,000 रुपये से 85,500 रुपये तक पहुंचती है।
UI/UX डिजाइनर अब सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बराबर कमाई (करीब 65,000 रुपये प्रति माह) कर रहे हैं।
| सेक्टर (Sector) | 0-2 साल | 2-5 साल | 5-8 साल |
|---|---|---|---|
| ऑटोमोबाइल (Automobile) | Rs. 27,000 | Rs. 44,400 | Rs. 65,200 |
| BFSI (बैंकिंग व फाइनेंस) | Rs. 27,300 | Rs. 44,900 | Rs. 65,900 |
| कंस्ट्रक्शन व रियल एस्टेट | Rs. 26,000 | Rs. 42,600 | Rs. 62,600 |
| कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स | Rs. 26,200 | Rs. 43,100 | Rs. 63,300 |
| ई-कॉमर्स (E-Commerce) | Rs. 27,700 | Rs. 45,600 | Rs. 66,900 |
| हेल्थकेयर व फार्मा | Rs. 27,400 | Rs. 44,900 | Rs. 66,000 |
| IT / ITeS | Rs. 28,600 | Rs. 46,900 | Rs. 68,900 |
| लॉजिस्टिक्स | Rs. 27,600 | Rs. 45,300 | Rs. 66,500 |
| मैन्युफैक्चरिंग | Rs. 28,300 | Rs. 46,400 | Rs. 68,200 |
| मीडिया व एंटरटेनमेंट | Rs. 26,700 | Rs. 43,900 | Rs. 64,500 |
| टेलीकम्युनिकेशन | Rs. 28,100 | Rs. 46,100 | Rs. 67,700 |
इस सर्वे को Valuvox ने Indeed की ओर से किया, जिसमें 1,311 नियोक्ताओं और 2,531 कर्मचारियों की राय ली गई। कुल 3,842 प्रतिभागियों ने 14 उद्योगों और 16 जॉब प्रोफाइल्स से प्रतिनिधित्व किया। इसका उद्देश्य भारत में पोस्ट-पैंडेमिक सैलरी ट्रेंड्स, सेक्टर वाइज़ ग्रोथ और कर्मचारियों की अपेक्षाओं को समझना था।
Updated on:
07 Jul 2025 04:55 pm
Published on:
07 Jul 2025 04:55 pm
