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UP में दल-बदल: अब तक पांच विधायक छोड़ चुके हैं भाजपा, दस और विधायकों के जाने की चर्चा

UP Assembly Elections 2022 : उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलितों और पिछड़ों के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य कभी बसपा प्रमुख मायावती के बेहद करीबी थे। मौर्य ने एक बार फिर अपना ठिकाना बदलते हुए ट्विटर पर लिखा कि दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे-लघु व मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर अपेक्षा की वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है। मौर्य योगी सरकार में श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री थे।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Jan 11, 2022

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लखनऊ. UP Assembly Elections 2022 : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद सूबे की सियासत में भूचाल आ गया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ करीब एक दर्जन विधायकों की समाजवादी पार्टी में शामिल होने की संभावना है। फिलहाल अभी तक पांच विधायक भारतीय जनता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विधायकों का इस तरह पार्टी का साथ छोड़ना भाजपा के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है। विधायकों के इस्तीफे के पीछे सबसे बड़ा कारण पार्टी नेतृत्व द्वारा उनकी को उपेक्षा माना जा रहा है। इसके अलावा क्षेत्र में विकास कामों में बरती गई शिथिलता भी एक बड़ा कारण है। वहीं योगी के डिप्टी केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट कर स्वामी प्रसाद से जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने की अपील की है।

योगी कैबिनेट में श्रम मंत्री हैं स्वामी प्रसाद मौर्य

मंगलवार को योगी कैबिनेट के श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य मंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। राज्यपाल को भेजे गये अपने इस्तीफे में स्वामी प्रसाद ने लिखा कि मंत्री रहते हुए भी विपरीत हालातों व विचारधारा में रहकर बहुत ही मन के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करता रहाष लेकिन दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार आदि के घोर उपेक्षा के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं।

तिंदवारी से भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति ने दिया इस्तीफा

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद बांदा जिले के तिंदवारी सीट से भाजपा विधायक बृजेश प्रजापति ने भी विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। कानपुर नगर के बिल्हौर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक भगवती प्रसाद सागर भी स्वामी प्रसाद मौर्य से मिलने उनके आवास पहुंचे। माना जा रहा है कि भगवती प्रसाद सागर भाजपा का साथ छोड़ सपा में शामिल हो सकते हैं।

ये भी पढ़े: यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया इस्तीफा, सपा में शामिल

ये विधायक भी छोड़ सकते हैं भाजपा का साथ

स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कासगंज के पटियाली से विधायक ममता शाक्य, औरैया के विधूना से विधायक विनय शाक्य, बदायूं जिले के शेखुपुर से विधायक धर्मेंद्र शाक्य, शाहजहांपुर से विधायक रोशनलाल, मिर्जापुर से विधायक अनिल मौर्या सहित 10 से 12 विधायक समाजवादी में शामिल हो सकते हैं।

अभी 10 से 12 विधायक और देंगे इस्तीफा- स्वामी प्रसाद मौर्य

मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि आगे की धार और आगे के वार देखते रहिए। मौर्य ने कहा कि अभी 10 से 12 विधायक इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में मीडिया को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में मेरा अपमान हुआ। उन्होंने कहा कि बेटे और बेटी को

सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा- अखिलेश

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि ‘सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले नेता स्वामी प्रसाद मौर्या एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन हैं ! सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव’ होगा।

जल्दबाजी के फैसले गलत साबित होते हैं- केशव प्रसाद

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने ट्वीट में लिखा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया है मैं नहीं जानता हूं। लेकिन मेरी उनसे अपील है कि बैठकर बात करें, जल्दबाजी में लिये हुये फैसले अक्सर गलत साबित होते हैं।