Assam Assembly Elections 2021: दोबारा चुनाव लड़ने वाले 90 विधायकों की संपत्ति में 76 फीसदी की बढ़ोतरी

Assam Assembly Elections 2021: असम इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने खुलासा किया है कि दोबारा प्रत्याशी बने 90 विधायकों की संपत्ति बीते पांच साल में 76 फीसदी बढ़ी है। शीर्ष पांच विधायकों में भाजपा के तीन नेता शामिल हैं।

By: Anil Kumar

Updated: 03 Apr 2021, 08:49 PM IST

नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव 2021 ( Assam Assembly Elections 2021 ) के लिए पहले और दूसरे चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। अब तीसरे और आखिर चरण के मतदान से पहले सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार असम में सभी राजनीतिक दलों ने कई नए उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं तो वहीं, अधिकत पुराने विधायकों पर ही भरोसा जताया है।

लेकिन एक ऐसा तथ्य सामने आया है, वह बहुत ही चौंकाने वाला है। दरअसल, इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतरे निर्दलीय समेत सभी राजनीतिक दलों की ओर से दोबारा उम्मीदवार बने 90 विधायकों की संपत्ति बीते पांच साल में 76 फीसदी बढ़ी है।

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असम इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से जारी आंकड़ों से ये खुलासा हुआ है कि दोबारा प्रत्याशी बने इन 90 विधायकों की संपत्ति में 76 फीसदी का इजाफा हुआ है। इनमें से शीर्ष पांच विधायकों में भाजपा के तीन नेता शामिल हैं। बाकी के दो उम्मीदवारों में एक ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) और दूसरा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट का नेता हैं।

असम इलेक्शन वॉच और एडीआर ने इन 90 विधायकों के शपथपत्रों के विश्लेषण के आधार पर ये खुलासा किया है। बता दें कि असम में 27 मार्च को पहले चरण और 1 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। जबकि तीसरे और आखिरी चरण का मतदान 6 अप्रैल को होगा। असम विधानसभा चुनाव का परिणाम 2 मई को बाकी के तीन अन्य राज्यों (पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल) और एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के परिणाम के साथ ही घोषित किया जाएगा।

भाजपा नेताओं की बढ़ी सबसे अधिक संपत्ति

असम इलेक्शन वॉच और एडीआर के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2016 के चुनाव के दौरान इन 90 विधायकों की औसत संपत्ति 2.52 करोड़ रुपये थी। अब 2021 के चुनाव के दौरान उनकी औसत संपत्ति 4.44 करोड़ रुपये हो गई है।

यानी कि इन दो चुनावों के बीच इन विधायकों की औसत संपत्ति में 1.91 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। धकुआखाना (एससी) निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक नब कुमार डोले ने 2016 में चुनावी शपथ पत्र में अपनी 7.30 करोड़ रुपये बताई थी, लेकिन अब 2021 के चुनावी शपथ पत्र में अपनी संपत्ति 25.52 करोड़ रुपये बताई है। यानी कि इन पांच सालों में नब कुमार की संपत्ति 18.22 करोड़ रुपये बढ़ी है।

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वहीं, अलगापुर निर्वाचन क्षेत्र से AIUDF के निजाम उद्दीन चौधरी की संपत्ति 2016 में 2.71 करोड़ थी, जो 2021 में बढ़कर 13.81 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा भाजपा नेता और जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार और असम के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हेमंत बिस्व सरमा की संपत्ति पांच साल में 10.89 करोड़ रुपये बढ़ी है। 2016 में उनकी संपत्ति 6.38 करोड़ रुपये थी जो 2021 में बढ़कर 17.27 करोड़ रुपये हो गई है।

भाजपा के अन्य नेताओं की बात करें तो अशोक सिंघल ढेकियाजुली निर्वाचन क्षेत्र उम्मीदवार हैं। बीते पांच साल में इनकी संपत्ति 9.82 करोड़ रुपये बढ़ी है। 2016 में उनकी संपत्ति 7.23 करोड़ रुपये थी जो 2021 में बढ़कर 17.06 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा सिदली (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र से बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के विधायक चंदन ब्रह्मा की संपत्ति 2016 में 9.58 करोड़ रुपये थी। अब 2021 में बढ़कर 16.15 करोड़ रुपये हो गई है।

Anil Kumar
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