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राहुल गांधी की रैली के साथ थम गया तेलंगाना में चुनाव प्रचार, 30 नवंबर को होगी वोटिंग

Election campaign stopped in Telangana: तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। राज्य में 30 नवंबर को मतदान होना है। वहीं, 3 दिसंबर को अन्य राज्यों के साथ नतीजे आएंगे।

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 Election campaign in Telangana stopped with Rahul Gandhi rally


तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), कांग्रेस और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अंतिम दिन राज्य भर में चुनावी रैलियों को संबोधित किया और रोड शो में भाग लिया। मोटरसाइकिल रैलियां, पदयात्राएं, नुक्कड़ सभाएं, पब्लिक मीटिंग और घर-घर जाकर प्रचार करना शाम तक जारी रहा। उम्मीदवारों और उनकी पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए आखिरी कोशिश की।

2018 में बीआरएस को मिली थी 88 सीटें

2018 के विधानसभा चुनाव में बीआरएस ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें हासिल की थीं। अब वह यहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस और भाजपा दोनों सत्ता हासिल करने की कोशिश में हैं।

राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस ने दिखाया दम

चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य कांग्रेस प्रमुख रेवंत रेड्डी ने पार्टी उम्मीदवार मयनामपल्ली हनुमंत राव के समर्थन में हैदराबाद के मल्काजगिरी निर्वाचन क्षेत्र में एक रोड शो के साथ अपना अभियान समाप्त किया।

वहीं, बीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने गजवेल निर्वाचन क्षेत्र में आखिरी चुनावी रैली की, जहां से वो फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। वो कामारेड्डी से भी चुनाव लड़ रहे हैं। उनके बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित किया। गुरुवार को होने वाले मतदान में 3.26 करोड़ से कुछ अधिक मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। 119 सीटों के लिए कुल 2,290 उम्मीदवार मैदान में हैं।

बीआएस को अपने काम तो कांग्रेस को छह गारंटियों पर भरोसा

इस बार के चुनाव प्रचार में बीआरएस ने पिछले दो कार्यकालों के दौरान अपने प्रदर्शन के आधार पर नए जनादेश की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक में अपनी हालिया सफलता को दोहराने की उम्मीद में छह गारंटियों के साथ मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की। भाजपा ने विकास की गति को तेज करने के लिए डबल इंजन सरकार के लिए एक मौका मांगा और उसने पिछड़े वर्ग से मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया।

चुनाव प्रचार में दिखा कांग्रेस का दम

राहुल गांधी ने 23 सार्वजनिक सभाओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया। उनकी बहन प्रियंका गांधी ने 26 रैलियां की। मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में देखे जाने वाले रेवंत रेड्डी ने राज्य के कई हिस्सों में 55 सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, अभिनेता-राजनेता विजयशांति, जो हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए, ने भी पार्टी के लिए प्रचार किया।

PM मोदी ने आठ तो अमित शाह ने की 17 रैलियां

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने राज्य भर में चुनावी रैलियों को संबोधित किया। सोमवार को राज्य में तीन दिवसीय अभियान का समापन करने वाले मोदी ने आठ सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया और एक रोड शो किया। आठ दिनों तक प्रचार करने वाले अमित शाह ने 17 सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया और सात रोड शो किए।

नड्डा ने आठ सार्वजनिक बैठकों को संबोधित किया और तीन रोड शो में भाग लिया। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नीतीश गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, अनुराग सिंह ठाकुर, साध्वी निरंजन ज्योति, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अन्य नेताओं ने पार्टी के लिए प्रचार किया।