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UP Assembly Elections 2022: चुनावों में नहीं दिख रहा ग्लैमर का तड़का, चुनाव प्रचार से गायब हैं फिल्मी सितारे

2022 के चुनाव में ग्लैमर का तड़का देखने को नहीं मिल रहा है जो पहले के चुनावों में दिखता था। एक जमाना था जब यूपी में चुनाव के दौरान तकरीबन सभी सियासी दल फिल्म स्टार्स को अपनी पार्टी के पक्ष में प्रचार करवाते थे।

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चुनाव प्रचार से गायब हैं फिल्मी सितारे

चुनाव प्रचार से गायब हैं फिल्मी सितारे

UP Assembly Elections 2022: एक जमाना था जब यूपी में चुनाव के दौरान तकरीबन सभी सियासी दल फिल्म स्टार्स को अपनी पार्टी के पक्ष में प्रचार करवाते थे। लेकिन 2022 के चुनाव में वो ग्लैमर का तड़का देखने को नहीं मिल रहा है। दरअसल फिल्मी सितारों के राजनीति में एंट्री की बात करें तो इसकी शुरुआत दक्षिण भारत से हुई थी। वहां बहुत से फिल्मी सितारे राजनीति की दुनिया में भी शिखर पर पहुँचे। धीरे-धीरे उत्तर भारत में भी ये ट्रेंड शुरू हो गया। लेकिन ये सच है कि उत्तर भारत में फिल्मी सितारों को राजनीति में वो सफलता और शिखर हासिल नहीं हुआ जो दक्षिण भारत फिल्मी सितारों को हासिल हुआ। उत्तर भारत की बात करें तो इसकी शुरुआत अमिताभ बच्चन से मान सकते हैं। जब उनके दोस्त राजीव गांधी ने उन्हें तत्कालीन इलाहाबाद (आज का प्रयागराज) की सीट से हेमवंतीनंदन बहुगुणा के खिलाफ चुनाव लड़वाया था।

यूपी की सियासत में फिल्मी सितारों के कनेक्शन श्रेय मुख्य रूप से पूर्व समाजवादी नेता अमर सिंह को जाता है। वो चाहे जया बच्चन हों, जया प्रदा हों या फिर संजय दत्त हों, अमर सिंह ने सबको समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार के लिए खड़ा कर दिया था। यहाँ तक कि राजनीति से तौबा कर चुके अमिताभ बच्चन से भी अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार करवा लिया था। अब आपको बताते हैं कि अभिनेता से नेता बने ये दिग्गज आज कहाँ पर हैं।

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अमिताभ बच्चन को नहीं भायी सियासत

सबसे पहले बात करते हैं अमिताभ बच्चन की। कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से अमिताभ ने सियासत की दुनिया में कदम रखा। उनका मुकाबला राजनीति के मँझे खिलाड़ी और दिग्गज हेमवंती नंदन बहुगुणा से था। बहुगुणा इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि अमिताभ उन्हें राजनीति में कभी हरा नहीं सकते। लेकिन अमिताभ ने वो कर दिखाया जिसकी बहुगुणा को उम्मीद नहीं थी। इस चुनाव में हेमवंती नंदन बहुगुणा की जमानत जब्त हो गयी थी। हालाँकि अमिताभ ने कुछ ही सालों बाद राजनीति को अलविदा कह दिया। वे वापस फिल्मी दुनिया में लौट गये। और आज भी वहाँ सिरमौर बने हुए हैं।

राजबब्बर की हो सकती है घर वापसी

बॉलीवुड के सफल अभिनताओं में शुमार राजबब्बर भी आज सियासत में बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने अपना सियासी सफर जनता दल से शुरू किया था फिर वो समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये थे। 1994 में राज्यसभा सांसद और फिर 2004 में फिरोजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद भी रह चुके हैं। लेकिन 2006 में सपा से निलंबित होने के बाद से वो फिलहाल कांग्रेस में हैं। वो यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि एक बार फिर उनके सपा में वापस जाने की चर्चा तेज है।

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बंदेलखंड राज्य के लिए चर्चित रहे राजा बुंदेला

बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने को लेकर सक्रिय रहे अभिनेता राजा बुंदेला भी राजनीति के परिदृश्य से पूरी तरह गायब हो चुके हैं।

राजपाल की सर्व संभाव पार्टी का पता नहीं

कॉमेडियन राजपाल यादव ने भी 2017 में सर्व सम्भाव पार्टी (एसएसपी) नाम से अपनी पार्टी बना कर सियासत में कदम रखा था, और कहा था कि "मैं विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति करने आया हूं।" मगर असफलता हासिल होने के बाद उन्होंने पूरी तरह राजनीति से विदा ले ली और वापस रुपहले पर्दे की ओर लौट गये।

रवि किशन हैं भाजपा से सांसद

भोजपुरी अभिनेता से नेता बने रवि किशन ने साल 2014 में सियासत में कदम रखा और जौनपुर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े। लेकिन 2017 में वो कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया। फिलहाल वो गोरखपुर से भाजपा के सांसद के सांसद हैं।

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जया प्रदा रहीं हैं सांसद

जयाप्रदा 1994 में एनटी रामाराव की टीडीपी में शामिल हुईं। बाद में एन चंद्रबाबू नायडू के साथ मतभेदों के बाद वो समाजवादी पार्टी में शामिल हो गयीं और 2004 में यूपी के रामपुर से सांसद भी बनीं। बाद में आजम खान से विवाद के उन्होंने सपा छोड़ दिया। फिर वो रालोद में शामिल हो गयीं। 2019 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली।

जया बच्चन अभी हैं सपा से सांसद

जया बच्चन 2004 से सपा की राज्यसभा सांसद हैं। उन्हें समाजवादी पार्टी से जोड़ने का काम अमर सिंह ने किया था। 2022 के यूपी चुनाव में सपा की 30 स्टार प्रचारकों की सूची में जया बच्चन का नाम भी शामिल है।

हेमामालिनी कर रहीं मथुरा का प्रतिनिधित्व

2004 में बीजेपी में शामिल हुईं थीं तब से लेकर आज तक वो बीजेपी में ही हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद भी बनाया। फिलहाल वो मथुरा सीट से लोकसभा सांसद हैं और इस बार के स्टार चुनाव प्रचारकों की लिस्ट में शामिल हैं।

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जया बच्चन और हेमामालिनी हैं स्टार प्रचारक

जया बच्चन और हेमा मालिनी दोनों 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी-अपनी पार्टी की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल तो ज़रूर हैं। लेकिन अभी तक उनके चेहरे नहीं दिखे। यहाँ तक कि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह मथुरा दौरे पर रहे, जोकि हेमा मालिनी का ही लोकसभा क्षेत्र है, लेकिन हेमा मालिनी कहीं दिखी नहीं।