3 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kerala Assembly Elections 2021 – एलडीएफ-यूडीएफ की कड़ी टक्कर, चर्चा में भाजपा और 20-20

Kerala Assembly Elections 2021 - केरल में एलडीएफ-यूडीएफ की कड़ी टक्कर वाले एर्नाकुलम जिले में अब भाजपा और 20-20 के झण्डे उठने लगे हैं।

2 min read
Google source verification

image

Sunil Sharma

Mar 23, 2021

kerala_assembly_elections_2021.jpg

- रतन दवे

Kerala Assembly Elections 2021 - एर्नाकुलम(केरला)। यहां के एक ग्राम किज्जकम्बलम में करीब पांच साल पहले ग्राम पंचायत चुनाव में एलडीएफ-यूडीएफ दो ही विकल्प थे। ग्रामीणों ने दोनों को ही नकार दिया और निर्दलीय उम्मीदवारों को जिताया। गांव के ही कॉर्पोरेट ग्रुप से जुड़े एक व्यक्ति ने नई सोच की राह दिखाई और यहां गरीबों के लिए मकान, ग्राम पंचायत के लोगों के लिए पचास प्रतिशत तक कम दाम में सुपरमार्केट से घरेलू उपयोग का सामान, रोजगार का प्रबंध किया और सरकारी राशि का सदुपयोग कर गांव में सड़क व अन्य प्रबंध किए। 20-20 नाम से बनी यह नई सोच अब विधानसभा चुनावों में एर्नाकुलम जिले की 06 विधानसभाओं में मैदान में उतरी है। जीत-हार के गणित से इतर केरल में चर्चा इस बात की है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर रही सरकारों के बीच ऐसा भी हो सकता है। केरल में एलडीएफ-यूडीएफ की कड़ी टक्कर वाले एर्नाकुलम जिले में अब भाजपा और 20-20 के झण्डे उठने लगे हैं।

यह भी पढ़ें : क्या Kerala Assembly Elections 2021 में भाजपा कर पाएगी करिश्मा, सर्वे में हुआ खुलासा

यह भी पढ़ें : kerala Assembly Elections 2021 1 - चर्च ने कहा, समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखने वाले लोगों को वोट दें

यह भी पढ़ें : Kerala Assembly Elections 2021 - कांग्रेसी नेता के आरोप के बाद चुनाव आयोग ने वोटर्स लिस्ट जांचने के आदेश दिए

भाजपा को मिल रहा धरातल
भाजपा के लिए भी जीतने की राह तो आसान नहीं है लेकिन जहां भाजपा का झण्डा लगाना भी गवारा नहीं था, वहां पर भाजपा के प्रत्याशियों के साथ लोग खड़े होने लगे हैं। कोच्चि में चाय की थड़ी चलाने वाले गिरधर का कहना है कि भाजपा का नाम लेने पर भी पिछले चुनावों तक यहां मुश्किल हो जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। यहां भाजपा की कमेटियां बनने लगी हैं और कार्यकर्ता तैयार हुए हैं। पास खड़े राजीव जोंस कहते है कि अब मीटिंग में भी लोग जाते हैं, पहले ऐसा नहीं था।

बेरोजगारी बना मुद्दा
जेकब जोस तमिलनाड्डु में पीएचईडी कर रहे है। उदयनापुरा के इस युवा को एलडीएफ सरकार के पब्लिक सर्विस कमिशन (पीएससी) की भर्ती को लेकर रोष है। जेकब कहते हैं कि नौकरी का झांसा दिया गया। पार्टी के लोगों को लिस्ट में शामिल किया गया और बेरोजगार तरसते रह गए। वे कहते हैं कि अभी केरल में रोजगार का संकट है। सरकारी नौकरी मिल नहीं रही और उद्योग को विकसित नहीं होने दिया जा रहा है। बेरोजगारी बढऩे का यह बड़ा कारण है।

सभाओं में नहीं पहुंच रहे लोग
कोरोना काल में सभाओं में अब लोगों की दिलचस्पी घट गई है। यहां डोर-टू-डोर संपर्क और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क को माध्यम बनाया जा रहा है। प्रत्याशियों ने पेज बनाए हैं। सोशल मीडिया पर एक प्रत्याशी का कार्य देखने वाले अखिल कहते हैं कि यहां लाइक-कमेंट को लेकर दिलचस्पी नहीं है लेकिन पेज पर जुड़े लोग पोस्ट को पढ़ते जरूर है। सोशल मीडिया के जरिए वोटर्स तक पहुंचने की कोशिश प्रत्याशी कर रहे है।

यह है 14 सीट
कल्लामेसरी, वैपिन, थिरूपुनीथुरा, कोच्ची, एर्नाकुलम, थिरीककरा, एनगमेली, अलुवा, पैरूम्बवुर, कुन्नाथुनाड, पिरावौम,मुवात्तुपूजा और कोठामंगलम।