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यूपी में अचानक बढ़ी डिजिटल एक्सपर्ट की माँग, 2000 से ज्यादा की ज़रूरत, नहीं मिल रहे 200 भी

Digital Expert: चुनावी रैलियों और सभाओं पर रोक के बाद हर दल को डिजिटल चुनाव प्रचार के लिए इनके एक्सपर्ट की जरूरत है। फेसबुक, यूट्यूब, वाट्सअप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया एक्सपर्ट की इतनी कमी हो गयी है कि एक ही कमरे में बैठकर एक कंपनी के नुमाइंदे एक नहीं चार-चार राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

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UP Assembly Election 2022: लखनऊ. यूपी चुनाव के लिए एकाएक डिजिटल एक्सपर्ट की डिमांड बढ़ गयी है। चुनावी रैलियों और सभाओं पर रोक के बाद हर दल को डिजिटल चुनाव प्रचार के लिए इनके एक्सपर्ट की जरूरत है। फेसबुक, यूट्यूब, वाट्सअप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया एक्सपर्ट की इतनी कमी हो गयी है कि एक ही कमरे में बैठकर एक कंपनी के नुमाइंदे एक नहीं चार-चार राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार कर रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि दलीय प्रतिबद्वताएं भी टूट रही हैं। सपा,बसपा, कांग्रेस हो या फिर भाजपा कई बार आपस में इन दलों की सामग्री भी शेयर हो रही है।

एकाएक बढ़ी डिमांड

यूपी में अचानक डिजिटल एक्सपर्ट की मांग बढ़ गयी है। इस समय प्रदेश में 2000 से ज्यादा डिजिटल एक्सपर्ट की ज़रूरत है। चुनाव आयोग ने भले ही 15 जनवरी तक रैलियों और सभाओं पर रोक लगायी है। लेकिन सियासी दल पूरी तरह अब डिजिटल प्रचार के मूड में आ गये हैं। 403 विधानसभा सीट के हिसाब से चार प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों की ही बात करें तो कम से कम 1612 उम्मीदवार अपने-अपने डिजिटल एक्सपर्ट की तलाश में हैं। लेकिन इतने एक्सपर्ट नहीं मिल रहे हैं। आलम ये है कि एक ही कंपनी जहां पश्चिमी यूपी में सपा का काम कर रही है तो वही कंपनी पूर्वांचल में बीजेपी की तरफ से डिजिटल लड़ाई लड़ रही है।

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उधर, जमीनी लड़ाई में भाजपा ने मारी बाजी

भाजपा यूपी में अबत 399 रैलियां और सभाएं कर चुकी है। 250 विधानसभाओं का दौरा इसके बड़े नेता कर चुके हैं। दो माह में कम से कम 12 जिलों में पीएम मोदी की सभाएं हो चुकी हैं।

योगी कर चुके हैं 250 रैलियां

19 दिसंबर से शुरू हुई जन विश्वास रैलियों, रोड शो के जरिए भाजपा 399 से अधिक रैलियों और नुक्कड़ सभाएं कर चुकी है। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ अब तक 250 रैलियों को संबोधित कर चुके हैं।

इन जिलों में गए पीएम

पीएम मोदी ने 20 अक्टूबर को कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के साथ दौरे की शुरुआत की थी। वह सुलतानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, महोबा, झांसी, बलरामपुर, शाहजहांपुर, नोएडा, कानपुर और लखनऊ का दौरा किए। उनकी अंतिम जनसभा 2 जनवरी को मेरठ में हुई।

सपा की विजय रथ यात्रा दो दर्जन जिलों में

सपा की विजय यात्रा 12 अक्टूबर को कानपुर से शुरू हुई थी। यह यात्रा पूर्वी यूपी, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के दो दर्जन से अधिक जिलों से होकर गुजरी।

सभी आरक्षित सीटों पर बसपा की सभाएं

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एससी मिश्रा एकमात्र पार्टी नेता हैं, जिन्होंने अब तक राज्य भर में जिला स्तर पर सभी आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों और जनसभाओं में सम्मेलन आयोजित किए हैं।

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कांग्रेस भी पीछे नहीं

लड़की हूं, लड़ सकती हूं अभियान के तहत लड़कियों और महिलाओं के लिए कांग्रेस ने मैराथन का आयोजन किया। अब तक, ये मैराथन मेरठ, झांसी, लखनऊ और बरेली में आयोजित किए गए। आजमगढ़, वाराणसी और नोएडा में कार्यक्रम निरस्त हो गए।